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Mon. Jan 12th, 2026

हे मां तुम महान हो
ममता की खान हो
पुत्र के हर संकट का
तुम्ही एक निदान हो
जन्म देती पालन करती
हर बाधा को हरती मां
संतानों के खातिर तुम
कष्ट सदा सहती मां
जगत के विस्तारक तुम
जगती के तुम मान हो
हे मां तुम महान हो
अभागे है वे पुत्र बड़े
जिसने तुम्हें न मान दिया
जिसके खातिर तुमने मां
जीवन समग्र बलिदान किया।
सृष्टि उपजी है तुझसे ही
सृष्टि का तुम जान हो।
हे मां तुम महान हो।
संतान के हर सुख दुखों में
साया बनकर रहती हो
कष्ट आए उन पर कभी
उनका कष्ट सदा हरती हो।
तुमसे बड़ा न कोई यहां
साक्षात तुम भगवान हो। मां तुम महान हो
ममता की खान हो
पुत्र के हर संकट का
तुम्ही एक निदान हो।

प्रमोद कश्यप,
स्वरचित, मौलिक
रतनपुर

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News Desk

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