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नव संवत्सर विक्रम संवत 2082; हिन्दू नव वर्ष के बारे में पूरी जानकारी तथा नव संवत्सर विक्रम संवत के शुभकामना संदेश


अतुल्य भारत चेतना परिवार की ओर से हिंदू नव वर्ष, नव संवत्सर, विक्रम संवत-2082 और गुड़ी पड़वा की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ!

यह नव वर्ष आपके जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करे, आपके सभी संकल्प सिद्ध हों, घर-आँगन धन-धान्य एवं सुख, समृद्धि से भर जाये, परमपिता परमात्मा से यही प्रार्थना है।

हिन्दू नववर्ष के बारे में पूरी जानकारी

हिन्दू नववर्ष, जिसे “नव संवत्सर” या “हिन्दू नव संवत” भी कहा जाता है, हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष का प्रारंभ होता है। यह मुख्य रूप से चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार मार्च या अप्रैल में पड़ता है। 2025 में, हिन्दू नववर्ष 30 मार्च को शुरू हो रहा है, जो विक्रम संवत 2082 का प्रारंभ होगा। यह दिन भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है, जैसे:

  • गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र)
  • उगादी (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक)
  • चैत्र नवरात्रि का पहला दिन (उत्तर भारत)
  • सिंधु नववर्ष (सिंधी समुदाय)
  • नवरेह (कश्मीरी हिन्दू)

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

हिन्दू नववर्ष का आधार विक्रम संवत, शक संवत या अन्य पारंपरिक पंचांगों पर होता है। विक्रम संवत की शुरुआत सम्राट विक्रमादित्य ने 57 ईसा पूर्व में की थी, और यह चंद्र-सौर कैलेंडर पर आधारित है। मान्यता है कि इस दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। इसके अलावा, यह दिन मां दुर्गा की उपासना के लिए चैत्र नवरात्रि की शुरुआत का भी प्रतीक है।

परंपराएं और रीति-रिवाज

  1. घर की साफ-सफाई: नववर्ष के स्वागत के लिए लोग अपने घरों को साफ करते हैं और सजाते हैं।
  2. रंगोली और गुड़ी: महाराष्ट्र में गुड़ी (एक बांस पर साड़ी और गेंदे के फूलों से सजाया गया प्रतीक) बनाई जाती है, वहीं रंगोली से घरों को सजाया जाता है।
  3. विशेष भोजन: नीम और गुड़ का मिश्रण, खीर, पूरन पोली, और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं, जो नए साल के कड़वे-मीठे अनुभवों का प्रतीक हैं।
  4. पूजा-पाठ: लोग मंदिरों में जाकर प्रार्थना करते हैं और पंचांग पढ़कर नए साल की भविष्यवाणियां सुनते हैं।
  5. नए कार्यों की शुरुआत: यह दिन शुभ माना जाता है, इसलिए लोग नए व्यापार, निवेश या कार्य शुरू करते हैं।

सांस्कृतिक विविधता

हालांकि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिन्दू नववर्ष के रूप में मान्यता है, भारत के कुछ क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर नववर्ष मनाया जाता है, जैसे:

  • दीपावली के अगले दिन (कार्तिक मास) गुजरात में।
  • बैसाखी (वैशाख मास) पंजाब में।

विक्रम संवत 2082 के लिए शुभकामना संदेश

यहां कुछ शुभकामना संदेश दिए जा रहे हैं, जिन्हें आप अपने प्रियजनों को भेज सकते हैं:

  1. “विक्रम संवत 2082 की हार्दिक शुभकामनाएं! यह नया साल आपके जीवन में सुख, समृद्धि, और स्वास्थ्य लेकर आए। नववर्ष मंगलमय हो!”
  2. “चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार को विक्रम संवत 2082 की शुभकामनाएं। मां दुर्गा का आशीर्वाद आप पर बना रहे!”
  3. “नव संवत्सर 2082 आपके लिए नई उम्मीदें, खुशियां और सफलता लेकर आए। हिन्दू नववर्ष की ढेर सारी बधाइयां!”
  4. “विक्रम संवत 2082 का यह नया साल आपके जीवन को प्रेम, शांति और उन्नति से भर दे। शुभ नववर्ष!”

आप इन संदेशों को अपने तरीके से व्यक्तिगत बना सकते हैं। हिन्दू नववर्ष का यह पर्व एक नई शुरुआत का प्रतीक है, तो इसे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाएं। नववर्ष की शुभकामनाएं!

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News Desk

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