अतुल्य भारत चेतना
हाकम सिंह रघुवंशी
गंजबासौदा/विदिशा। नगर राष्ट्रीय सेविका समिति द्वारा शक्ति वंदन पथ संचलन सम्पन्न हुआ। स्त्री विचारों एवं कर्म से पूर्ण रुपेण शक्ति व सामर्थ्य की प्रतीक है, वह राष्ट्र की धुरी है। यह बात राष्ट्र सेविका समिति बासौदा नगर पथ संचलन शक्ति वंदन कार्यक्रम की मुख्य वक्ता राष्ट्र सेविका समिति विदिशा विभाग की विभाग कार्यवाहिका डा पिंकेश लता रघुवंशी ने रखी। राष्ट्र सेविका समिति के स्थापना दिवस व विजया दशमी उत्सव के अवसर पर स्थानीय तारण तरण जैन पाठ शाला में कार्यक्रम का शुभारंभ शस्त्र पूजन, दीप प्रज्ज्वलन से आरंभ हुआ। तत्पश्चात ध्वजारोहण, प्रार्थना, अमृत वचन, व्यक्तिगत गीत, अध्यक्षीय उद्बोधन उपरांत मुख्य वक्ता विभाग कार्यवहिका डा रघुवंशी ने कहा कि यह वर्ष संपूर्ण भारत वर्ष में देवी अहिल्या बाई होल्कर की तीन सौ वीं जन्म जयंती के रूप में मनाया जा रहा है, जो राष्ट्र सेविका समिति के तीन आदर्शों मे से एक कर्तव्य की प्रेरणा देती हैं कि सभी सेविकाओं को अपने परिवार, समाज व राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों के निर्वहन के साथ साथ अपने धार्मिक, आध्यात्मिक और नेतिक दायित्वों को भी पूरा करना चाहिए। वन्दे मातरम राष्ट्र गान के 125 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं जो हमारे स्वाधीनता आंदोलन के प्राण के रूप में स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों का उद्घोष बन गया था और आज भी हमें राष्ट्र कार्य करने की प्रेरणा देता है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में लता सचिन खरे निगम स्वछता सहायिका, नगर पालिका बासौदा ने स्त्रियों को अपनी आत्मरक्षा हेतु सजग होकर संगठित होने आग्रह किया।

इसे भी पढ़ें (Read Also): मुख्यमंत्री जनकल्याण पर्व खुशियों की दास्तां







मचं पर नगर कार्यवाहिका प्रियंका माथुर भी विराजमान थी।
उद्बोधन के पश्चात पथ संचलन आरंभ हुआ जो टीटी जैन पाठ शाला से मुख्य बाजार से होते हुए अंबेडकर चौक, जय स्तंभ चौक, हनुमान चौक, सावरकर चौक, गांधी चौक, राजेंद्र नगर चौराहा से होती हुए राजेंद्र नगर में सी एम राइस स्कूल पहुँचा। नगर में अनेक स्थानों पर पुष्प वर्षा कर संचलन का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षक तान्या चौहान थी, इस अवसर पर विभाग संघचालक सुरेश देव जी, जिला कार्यवाहिका अवंतिका बघेल, जिला संपर्क प्रमुख जय रघुवंशी, जिला शारीरिक प्रमुख रानु बघेल के साथ साथ अनेक संगठनों के प्रमुख भी उपस्थित रहें l

