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Mon. Jan 12th, 2026

यदा सत्त्वे प्रवृद्धे तु प्रलयं याति देहमृत्। तदोत्तमविदां लोकानमलान्प्रतिपद्यते

अतुल्य भारत चेतना
वीरेंद्र यादव

जिस समय सत्त्वगुण बढ़ा हो उस समय यदि देहधारी मनुष्य शरीर को त्यागता है, तो वह उत्तमवेत्ताओ के निर्मल लोकों में जाता है। आपका स्नेहिल सरल व्यवहार, परिश्रमी, धार्मिक,जिंदादिल व्यक्तित्व की धनी।अपनी जिम्मेदारियाँ निःस्वार्थ भाव से निभाती,हमे जीवन मूल्य सिखाती। आपका हमारे प्रति अपार स्नेह हमेशा हमे याद रहेगा। और जीवन पथ पर जब भी हमे राह कठिन लगेगी । आपका आशीर्वाद सदा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा। अत्यंत दुख के साथ सूचित किया जाता है कि मेरी माता श्रीमती रहस यादव जी का गोलोकधाम गमन दिनांक 23-07-2024 को हो गया है जिनका दशगात्र दिनांक 01/08/2024 दिन गुरुवार को होगा अतएव कार्यक्रम में शामिल होकर पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें
कार्यक्रम स्थान हमारा निज निवास खाल्हे पारा आमली भौना वार्ड नंबर 42 रायगढ़
शोकाकुल
जयनारायण यादव (पुत्र)
सीता यादव (पुत्रवधु)
सुमन यादव (पोती)
भावेश यादव (पोता)
दिशा यादव (पोती)
एवं समस्त यादव परिवार।

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News Desk

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