कौशाम्बी पुलिस की बड़ी कामयाबी, अंतर्राज्यीय ऑनलाइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश
02 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद
अतुल्य भारत चेतना (मनीष त्रिपाठी)
इसे भी पढ़ें (Read Also): बोरियों में भरे 690 किलो लाहन के साथ 45 लीटर शराब जप्त,मदिरा का अवैध रुप से निर्माण
कौशाम्बी। जनपद में अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई करते हुए कौशाम्बी पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के कुशल, दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व में अंतर्राज्यीय ऑनलाइन ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ठगी में प्रयुक्त भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।
दिनांक 09 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के निर्देशन में थाना मंझनपुर के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह एवं उनकी टीम ने तकनीकी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर सुनियोजित कार्रवाई करते हुए इस संगठित साइबर अपराध का खुलासा किया। पुलिस को लंबे समय से बैंक खातों के माध्यम से हो रही ऑनलाइन ठगी की शिकायतें मिल रही थीं, जिन पर गहन विश्लेषण और निगरानी के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।
ऐसे दिया जाता था ठगी को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह भोले-भाले एवं जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इसके बाद उन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था। अभियुक्त अलग-अलग राज्यों में फर्जी पहचान के जरिए बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम आपस में बांटते थे।
पुलिस अधीक्षक की सीधी मॉनिटरिंग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने स्वयं पूरे प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग की और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा न जाए। उनके निर्देशों के क्रम में पुलिस टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
- संजय पुत्र राम बालक सरोज, निवासी बरैसा, थाना पश्चिम शरीरा, जनपद कौशाम्बी
- आसिफ पुत्र रसीद, निवासी हिरन डीह, थाना फिरोजपुर झिरका, जनपद नूंह (हरियाणा)
बरामदगी ने खोले कई राज
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने एक कार, कई आधार कार्ड, स्मार्टफोन, बैंक चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड, श्रम कार्ड, पैन कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र तथा अलग-अलग राज्यों के फर्जी वाहन नंबर प्लेट बरामद की हैं। यह बरामदगी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि गिरोह लंबे समय से सुनियोजित तरीके से साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था।
लाखों की ठगी, कई शिकायतें दर्ज
प्रारंभिक जांच में ही यह तथ्य सामने आया है कि अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन ठगी से संबंधित कई शिकायतें दर्ज हैं तथा ठगी की रकम लाखों रुपये तक पहुंच चुकी है। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
कौशाम्बी पुलिस की सराहनीय कार्यशैली
इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के नेतृत्व में कौशाम्बी पुलिस न केवल परंपरागत अपराधों, बल्कि साइबर और ऑनलाइन फ्राड जैसे आधुनिक अपराधों पर भी पूरी मजबूती से नियंत्रण कर रही है। उनकी जीरो टॉलरेंस नीति, सटीक रणनीति और अधीनस्थ पुलिस बल को निरंतर प्रेरित करने की क्षमता ही इस सफलता की असली कुंजी है।
जनपदवासियों ने इस बड़ी सफलता पर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार एवं कौशाम्बी पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे सजग और सख्त नेतृत्व में अपराधियों के हौसले पस्त होना तय है।
कौशाम्बी पुलिस की यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि अपराध चाहे जितना भी आधुनिक क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बचना नामुमकिन है।

