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भारतीय किसान यूनियन ने मुख्यमंत्री से कामां का नाम कामवन किये जाने की मांग का दिया ज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन ने मुख्यमंत्री से कामां का नाम कामवन किये जाने की मांग का दिया ज्ञापन

रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता भरतपुर

कामां – डीग जिले के कस्बा कामां के भारतीय किसान यूनियन संघ के पदाधिकारी भी कामवन मांग को लेकर आगे आये । भारतीय किसान संघ कामां के पदाधिकारी व सदस्यों ने यतेंद्र गुलपाडिया के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचकर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देते हुए कामां का नाम कामवन किए जाने की मांग की।

 गुलपाडिया के अनुसार ज्ञापन में कहा गया है कि ब्रज मंडल के 12 वनों में कामवन पाचवाँ वन है। पूर्व में कामां का नाम कामवन ही रह है जो लोगो की आस्था से जुड़ा है।अतः जनमानस की भावनाओं के अनुकूल अतिशीघ्र कामवन नाम किया जाए। इस अवसर पर हुकुम सिंह यादव ने कहा कि महाभारत,ब्रह्म वैवर्त पुराण,श्री मद भागवत पुराण, स्कंद पुराण, गर्ग संहिता, नारद पुराण,विष्णु पुराण, बाराह पुराण में कामवन के महत्व का विस्तार से वर्णन किया गया है।विभिन्न युगों में अनेको नाम से कामवन को जाना जाता है किंतु कलयुग में कामवन और अपभ्रंश होने के उपरांत कामां से विभूषित किया गया है। अनेको ग्रन्थों में कामवन का उल्लेख किया गया है।कामवन के चारों दिशाओं में कालका देवी,जशोदा देवी(चामड़),मंशा देवी एवं शीतला माता विराजित हैं। 

   तीर्थो का राजा तीर्थराज विमल कुंड एवं श्राद पक्ष में तर्पण हेतु गया कुंड सहित 84 तीर्थ,84 खम्बा,84 मन्दिर,300 कूप आदि कामवन में विराजित हैं। लगभग सभी सनातनी संप्रदाय के मंदिर कामवन में विराजित हैं। लक्ष्मण जी महाराज का मंदिर, श्री मदन गोपाल, श्री गौरांग महाप्रभु, साक्षी गोपाल, मुरली मनोहर, श्री गोपीनाथ जी, गोविंद जी, श्री राधा वल्लभ जी,श्री वृंदा रानी, श्री जगन्नाथ जी, श्री गदाधर,श्री नृसिह मन्दिर, पंचम पीठ चंद्रमा जी, सप्तम पीठ मदन मोहन जी आदि तथा कामेश्वर महादेव, काशी विश्वनाथ महादेव,गोपेश्वर महादेव,मनकामेश्वर, चारों दिशाओं में चार महादेव एवं चार हनुमान विराजित है। भगवान श्री कृष्ण की क्रीड़ा स्थली के अनेक स्थल कामवन में स्थित है अतः इसका पौराणिक, शास्त्र सम्मत, धार्मिक व सांस्कृतिक नाम कामवन किया जाए।

 ज्ञापन देने वालों में हुकम सिंह यादव, सांवलिया राम , वैद्य गोपाल सिंह सतवास, यतेंद्र गुलपाडिया मोहन जैन, हरिश्चंद्र यादव बाबू जी आदि किसान उपस्थित रहे ।

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मनमोहन गुप्ता

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