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“रिश्ते चुनाव से नहीं, विश्वास से बनते हैं”-विधायक नौक्षम चौधरी

“रिश्ते चुनाव से नहीं, विश्वास से बनते हैं”-विधायक नौक्षम चौधरी

रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता भरतपुर

कामां विधायक नौक्षम चौधरी ने पेश की सादगी और संबंधों की मिसाल

कामां – जमीनी जुड़ाव और सरल नेतृत्व शैली के लिए पहचानी जाने वाली विधायक नौक्षम चौधरी ने गुरुवार को एक ऐसा कदम उठाया, जिसने क्षेत्र में नई चर्चा छेड़ दी। उन्होंने हवलदार बलदेव सिंह सबलाना के घर पहुँचकर न सिर्फ उनसे मुलाकात की, बल्कि अपने हाथों से चाय बनाकर परिवार सहित सभी को परोसी। यह दृश्य किसी औपचारिक मुलाकात जैसा नहीं था। चूल्हे की गर्माहट और उबलती चाय की खुशबू के बीच चौधरी का सहज व्यवहार यह साबित कर रहा था कि जनप्रतिनिधि होने का अर्थ सिर्फ मंचों पर भाषण देना नहीं, बल्कि जनता के घर में बैठकर उनके जीवन को करीब से समझना भी है।
हवलदार बलदेव सिंह के परिवार ने भी इस पल को सम्मान का विषय बताया। उनका कहना था कि वर्षों में पहली बार किसी नेता ने बिना किसी औपचारिकता के घर आकर इतना अपनापन दिखाया। विधायक चौधरी ने कहा कि “रिश्ते चुनाव से नहीं, विश्वास से बनते हैं। जनता के बीच जाकर ही उनकी असली समस्याओं, उम्मीदों और जीवन के संघर्षों को समझा जा सकता है।” उनका यह सरल कदम सिर्फ एक कप चाय तक सीमित नहीं रहा—यह संदेश दे गया कि नेतृत्व का असली अर्थ सेवा, संवेदना और समानता है।

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मनमोहन गुप्ता

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