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Sun. Jan 11th, 2026

नाबालिग बालक के कुकर्मी को बीस साल का सश्रम कारावास

अतुल्य भारत चेतना
रईस अहमद

बहराइच। कोतवाली देहात निवासी एक नाबालिग बेटे के साथ कुकर्म के मामले में दोषी को बीस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। मुकदमें में पुलिस व अभियोजन पक्ष की कड़ी पैरवी के बाद विशेष न्यायाधीश पाक्सो ने शुक्रवार को सजा सुनाई है। विशेष जिला शासकीय अधिवक्ता पाक्सो संतप्रताप सिंह व विशेष लोक अभियोजक पाक्सो संतोष सिंह ने बताया कि थाना कोतवाली देहात के एक गांव निवासी महिला ने कोतवाली देहात में तहरीर दी थी। तहरीर में महिला ने कहा था कि उसका 12 वर्षीय बेटा सात अप्रैल 2020 को 11 बजे घर से निकलकर चिलवरिया चीनी मिल के सामने एक होटल पर गया था। महिला का कहना है कि होटल पर कोतवाली देहात के चिलवरिया गांव निवासी राजकुमार नाम का व्यक्ति कार्य करता है। महिला ने बताया कि होटल पर कार्य करने वाले राजकुमार नाम के व्यक्ति ने उसके नाबालिग बेटे के साथ जबरन कुकर्म की घटना को अंजाम दिया।

शासकीय अधिवक्ताओं ने बताया कि तहरीर के आधार पर कोतवाली देहात की पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर घटना की विवेचना थाने के उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्र को सौंपी थी। मुकदमें में विवेचनाधिकारी ने पीड़ित बेटे का बयान व घटना स्थल का नजरी नक्शा तैयार कर अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र सक्षम न्यायालय में सौंपा था। न्यायालय में आरोप पत्र सौंपने के बाद विशेष लोक अभियोजक पाक्सो की ओर से पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमें में सत्र परीक्षण प्रारंभ किया था। शासकीय अधिवक्ताओं ने बताया कि शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो दीपकांत मणि की कोर्ट ने मुकदमें में सुनवाई करते हुए अभियुक्त राजकुमार को दोषसिद्ध करते हुए धारा-377 में दस वर्ष व दस हजार का अर्थदंड और बालकों का सरंक्षण अधिनियम के तहत बीस वर्ष का कारावास व दस हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि अदा करने पर अभियुक्त को प्रत्येक अपराध में तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना होगा।

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News Desk

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