जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप से देना सुनिश्चित करें : सभापति “संसदीय अध्ययन समिति उप्र विधान परिषद”
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वित्तीय वर्ष समापन पर है, उपलब्ध बजट व्यय क्यों नहीं हुआ, इसकी जानकारी विभागवार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें
फर्जी ढंग से अंत्योदय कार्ड बनवाकर लाभ ले रहे लोगों को सूची से हटाएं और पात्र को लाभान्वित करें : सभापति
भीषण सर्दी के दृष्टिगत गौशालाओं/गौआश्रय स्थल पर गोवंश को ठंड से बचाने एवं उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें : सभापति
अतुल्य भारत चेतना (भूपेंद्र रायकवार)
झांसी। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की "संसदीय अध्ययन समिति" बैठक कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में श्री किरण पाल कश्यप जी के सभापतित्व में जनपद झांसी एवं ललितपुर के जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ संपन्न हुई।
कलैक्ट्रेट नवीन सभागार में आयोजित बैठक के अवसर पर संसदीय अध्ययन समिति के मा0 सभापति श्री किरण पाल कश्यप सहित सदस्य विधान परिषद श्रीमती रमा निरंजन, अनुसचिव समिति श्री विनोद कुमार यादव, समीक्षा अधिकारी श्री सौरभ दीक्षित, प्रतिवेदक श्री बृजेश यादव, श्री अभिनव, श्री बजरंग लाल मेहरा को जिला प्रशासन झांसी एवं ललितपुर के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंटकर बुन्देलखण्डी पटका पहनाते हुए स्मृति चिन्ह के रूप में पौधा भेंट किया गया। बैठक में उपस्थित अधिकारियों द्वारा मा0 सभापति को शिष्टाचारपूर्वक अपना परिचय दिया गया।
बैठक में मा0 सभापति संसदीय अध्ययन समिति उ0प्र0 विधान परिषद श्री किरण पाल कश्यप ने उपस्थित अधिकारियों के समक्ष अपने उद्बोधन में उपस्थित समस्त अधिकारियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संसदीय अध्ययन समिति का मुख्य उद्देश्य संसद के पास उपलब्ध सीमित समय के कारण, विभिन्न विधेयकों, नीतियों और वित्तीय मामलों की गहन जांच-पड़ताल करना, विशेषज्ञों और जनता से इनपुट लेना, और सदन को विस्तृत,सूचित सिफारिशें प्रदान करना है,जिससे विधायी प्रक्रिया की दक्षता और सरकार की जवाबदेही बढ़ती है। यह समितियां "लघु संसद" की तरह काम करती हैं।और कठिन मुद्दों पर गहराई से विचार-विमर्श करती हैं, जिससे सूचित निर्णय लेने में मदद मिलती है।
मा0 सभापति ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि संसदीय समितियां संसद के विधायी और निगरानी कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने पारदर्शिता लाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण साधन है। संविधान में प्रदत्त नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराना समितियों का महत्वपूर्ण दायित्व होता है। समस्त विभागीय अधिकारी मा0 जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत पत्रों पर प्राथमिकता से संज्ञान लेते एंव उक्त प्रश्नों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराते हुए लिखित रूप से मा0 जनप्रतिनिधि सहित शासन और समिति को अवगत कराना सुनिश्चित करें, इसके साथ ही अधिकारी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, उद्देश्यों एवं संचालित योजनाओं के धरातल पर मूर्तरुप में अवतरण हेतु जनप्रतिनिधियों के विचारों एवं सुझावों का अनिवार्य रुप से अनुपालन करें।
मा0 श्री किरण पाल कश्यप की सभापतित्व में आयोजित संसदीय अध्ययन समिति की बैठक में उन्होंने बताया कि जनहित में किए गए कार्यों की समीक्षा करना और जनतंत्रीय प्रणाली को सुदृढ़ बनाना इस समिति का मुख्य उद्देश्य विकास के लिए जो भी पैसा मिले उसे समयबद्ध रूप से विकास कार्यों में खर्च किया जाए तथा दोनों जनपदों में जो क्षेत्र पिछड़े हैं या विकास से दूर हैं उन पर फोकस किया जाए। हम और आप एक दूसरे के पूरक हैं, आपसी समन्वय से ही विकास संभव है।
संसदीय अध्ययन समिति के माननीय सभापति ने विभागों में उपलब्ध बजट की जानकारी ली और व्यय न होने पर नाराजगी व्यक्त की, उन्होंने कहा कि मात्र एक माह शेष है फरवरी 2026 में नया बजट आना है। अभी सालाना बजट में मात्र 40 से 45 प्रतिशत ही विभाग व्यय कर पाए हैं, उन्होंने डीएम झाॅसी एवं ललितपुर को समीक्षा करते हुए विभाग बार उपलब्ध बजट,कितना व्यय और कितना अवशेष है की जानकारी लेने के निर्देश दिए।
झांसी एवं ललितपुर जनपदों के अधिकारियों से जनप्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों की जानकारी लेते हुए माननीय सभापति जी ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देशित किया कि जो भी फर्जी ढंग से अन्त्योदय कार्ड बनवाकर लाभ ले रहे हैं उन्हें सूची से हटाते हुए पात्र को लाभान्वित किया जाना सुनिश्चित करें, इसके साथ ही उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश दिये कि शासनादेश के अनुरुप गौशालाओं में गौवंश के भरण-पोषण एवं रख-रखाव सम्बन्धी आवश्यक संसाधन पूर्ण करें। नगर पालिकाओं में सर्दी के दृष्टिगत ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से ठंड से बचाव सुनिश्चित करायें, जिससे ग्रामीणों को को कोई समस्या का सामना न करना पड़े।
समीक्षा बैठक के दौरान मा0 सभापति जी द्वारा जनपद झांसी एवं ललितपुर में गृह, राजस्व, ग्राम्य विकास, होमोपैथिक, स्वास्थ्य, पिछड़ा वर्ग कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, सहकारिता, लोक निर्माण, आबकारी, होमगार्ड, जिला विकास, नगर निगम, नगर पालिका, जल निगम, बाल विकास एवं पृष्टाहार, नेडा, माध्यमिक शिक्षा, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बेसिक शिक्षा, महिला कल्याण, पर्यटन, लद्यु सिंचाई, सिंचाई, ऊर्जा, विद्युत सुरक्षा, पंचायती राज, प्राविधिक शिक्षा, खाद्य एवं रसद, समाज कल्याण, पर्यावरण, दुग्ध विकास, खनन, कारागार, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, व्यापार कर एवं संस्कृति विभाग में वर्तमान सरकार के गठन के पश्चात से अब तक मा0 जनप्रतिनिधियों द्वारा प्राप्त पत्रों पर की गयी कार्यवाही एवं उनके निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया गया।
आयोजित बैठक में जिलाधिकारी झांसी श्री मृदुल चौधरी ने सभापति सहित अन्य गणमान्य अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दिए गए निर्देशों व सुझावों का पालन तय किया जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी झांसी श्री मृदुल चौधरी, जिलाधिकारी ललितपुर श्री सत्यप्रकाश, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी श्री बीबीजीटीएस मूर्ति, पुलिस अधीक्षक ललितपुर मोहम्मद मुश्ताक, मुख्य विकास अधिकारी झांसी श्री जुनैद अहमद, सीएमओ डॉ0 सुधाकर पांडेय, अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी ललितपुर श्री अंकुर श्रीवास्तव, सीएमएस मेडिकल काॅलेज झांसी डाॅ0 सचिन माहौर, अपर नगर आयुक्त श्री राहुल कुमार यादव, नगर मजिस्ट्रेट श्री प्रमोद कुमार झा, डीडीओ श्री सुनील कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री राजेश कुमार, उपायुक्त मनरेगा श्री शिखर श्रीवास्तव, जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती रती वर्मा, अधिशासी अभियंता भवन निर्माण श्री दीपांकर चौधरी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

