रुद्रपुर – यूट्यूबर ज्योति अधिकारी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हल्द्वानी के मुखानी थाने में पहले से दर्ज मुकदमे के बाद अब रुद्रपुर कोतवाली में भी ज्योति अधिकारी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने, सार्वजनिक शांति भंग करने और महिलाओं व राज्य की संस्कृति के अपमान से जुड़ी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कोतवाली रुद्रपुर में दर्ज शिकायत में किच्छा रोड स्थित बिगवाड़ा निवासी ममता त्रिपाठी ने बताया कि वह उत्तराखंड की स्थानीय संस्कृति, परंपराओं तथा भगवान व देवी-देवताओं में गहरी आस्था रखती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे विभिन्न वीडियो के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि ज्योति अधिकारी निवासी हरिपुर लालमणी, किशनपुर घुड़दौड़ा, हल्द्वानी द्वारा सार्वजनिक स्थान पर दराती लहराते हुए राज्य की महिलाओं, संस्कृति और देवी-देवताओं के प्रति बेहद आपत्तिजनक, अपमानजनक और भद्दी भाषा का प्रयोग किया गया है।
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शिकायत के अनुसार, वीडियो में ज्योति अधिकारी द्वारा कुमाऊं की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा गया कि “कुमाऊं की महिलाओं में धार नहीं है” और कौथिकों में नाचने को लेकर महिलाओं की गरिमा पर सवाल उठाए गए। इसके साथ ही देवी-देवताओं और धार्मिक आस्थाओं को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणी की गई, जिसे शिकायतकर्ता ने राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया।
ममता त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि खुलेआम सार्वजनिक स्थल पर दराती लहराकर इस तरह के बयान देना न केवल कानून व्यवस्था के लिए खतरा है, बल्कि इससे समाज में आक्रोश फैलने और धार्मिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका भी है।
इस संबंध में सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर ज्योति अधिकारी के खिलाफ कोतवाली रुद्रपुर में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना शुरू कर दी गई है और वीडियो व अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

