मनासा क्षेत्र के बैसदा में मृत तेंदुआ मिलने से हड़कंप, शिकार के कोई साक्ष्य नहीं
वन विभाग व वन्यजीव विशेषज्ञ मृत्यु के कारणों की कर रहे गहन जांच
अतुल्य भारत चेतना (विजयपाल सिंह)
नीमच। मनासा वनपरिक्षेत्र अंतर्गत बैसदा क्षेत्र में एक वन्यजीव तेंदुए का मृत अवस्था में मिलने का मामला सामने आया है। यह घटना 5 जनवरी 2026 को वन भूमि कक्ष क्रमांक 391, बीट बैसदा में प्रकाश में आई, जिसके बाद वन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई।

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घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए), नई दिल्ली तथा मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप मौके को तुरंत सुरक्षित किया गया। इसके साथ ही डॉग स्क्वाड की सहायता से घटनास्थल एवं उसके आसपास के क्षेत्र में गहन छानबीन की गई। प्रारंभिक जांच में तेंदुए के शिकार या किसी प्रकार की हिंसा के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं।
मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों डॉ. जीवन नाथ एवं डॉ. भूपेश पाटीदार द्वारा किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे अवैध शिकार की आशंका फिलहाल नहीं जताई जा रही है। हालांकि, मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए वन्यजीव विशेषज्ञों और वन अधिकारियों द्वारा विस्तृत परीक्षण एवं विश्लेषण किया जा रहा है।
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तेंदुए के शव का दाह संस्कार/भस्मीकरण वनमंडलाधिकारी नीमच, तहसीलदार मनासा, ग्राम पंचायत पलासिया के सरपंच, वन स्टाफ तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। पूरी कार्यवाही की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी भी कराई गई है ताकि रिकॉर्ड सुरक्षित रहे।
वन विभाग द्वारा इस मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और अग्रिम जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही तेंदुए की मृत्यु के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आ सकेगा। फिलहाल वन विभाग क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाए हुए है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

