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Mon. Jan 12th, 2026

उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग द्वारा छात्रावासीय विद्यार्थियों की सुरक्षा के संबंध में जारी किए गए निर्देश

शहडोल – उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री जेपी यादव ने छात्रावासीय विद्यार्थियों की सुरक्षा के संबंध में निर्देश जारी करते हुए कड़ाई से पालन करने को कहा है। जारी निर्देशों में कहा गया है कि विद्यार्थियों से मिलने के लिए तथा लाने ले जाने के लिए केवल उनके परिवारजन जिसमें माता-पिता, सगे भाई, बहन सम्मिलित होंगे, को ही मिलने की अनुमति तथा लाने ले जाने की अनुमति होगी। इस हेतु विद्यार्थी का परिवार पत्र प्राप्त किया जाय जिसमें उनके परिवारजनों के नाम अंकित हों। इन परिवार जन के व्यक्तियों का फोटो, पहचान पत्र, मोबाइल नम्बर सहित अन्य जानकारी की पंजी तैयार की जावे, जिसकी प्रोफाईल पंजी संधारित की जाए। परिवारजन के अतिरिक्त अन्य किसी व्यक्ति के साथ विद्यार्थियों को न छोडा जाय। 

विद्यार्थियों को छात्रावास से ले जाते समय आवेदन प्राप्त किया जावे, जिसमें छात्र-छात्रा तथा ले जाने वाले व्यक्ति का नाम एवं छात्र-छात्रा से संबंध, एवं मोबाइल नम्बर अंकित किया जावे। इसे संधारित रखा जाये, इसी दिन छात्र-छात्रा की घर पहुंचने का सत्यापन मोबाइल पर कॉल कर सुनिश्चित किया जावे। इसकी जानकारी पंजी में संधारित किया जाये। मिलने आने वाले परिवारजनों के लिए छात्रावास परिसर में ही बैठक की उचित व्यवस्था की जाए, जहां कुर्सी एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हो। मिलने आने वाले परिवारजनों का लेखा, पंजी में संधारित किया जावे। अधीक्षक की उपस्थिति में ही विद्यार्थियों को उनके परिजनों को सौपा जाये। यह कार्य छात्रावास के अन्य कर्मचारी के भरोसे न रखा जाये। कन्या छात्रावासों में अनिवार्य रूप से महिला कर्मचारी से ही चौकीदार का कार्य लिया जावे, किसी भी पुरुष कर्मचारी को यह जिम्मेदारी न दी जावे।

छात्रावास परिसर पूर्णरूपेण पर्याप्त उंचाई की बाउण्ड्रीवाल से सुरक्षित हो। जिन छात्रावासों में बाउण्ड्रीवाल नहीं हैं, उनका प्रस्ताव प्राक्कलन सहित विभागाध्यक्ष को प्रेषित किए जावे तथा उनकी स्वीकृति हेतु जिलाधिकारी अपने स्तर से लगातार प्रयास करेंगे। छात्रावास के मुख्य प्रवेश द्वार पर विभिन्न कोणों पर जहां से आना-जाना होता है, सी.सी.टी.व्ही. कैमरे चालू हालत में लगे होना चाहिए। अगर खराब हैं तो सुधरवाए जावे। उपलब्ध नहीं हैं तो जिला कार्यालय द्वारा छात्रावासों से जानकारी प्राप्त कर प्रस्ताव विभागाध्यक्ष को प्रेषित कर स्वीकृति हेतु व्यक्तिगत रूप से प्रयास किए जावे। सी.सी.टी.व्ही. कैमरे के डेटा को सुरक्षित रखा जाये। छात्रावास में शिकायत पेटी लगाई जावे। कोई समस्या व सुझाव होने पर विद्यार्थी इस शिकायत पेटी में लिखित सुझाव/शिकायत डाल सकेंगे। नियमित रूप से पेटी खोली जाने की जिम्मेदारी हेतु जिलाधिकारी द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों को लिखित रूप से दायित्व सौंपा जायेगा। ये अधिकारी छात्रावास का निरीक्षण करेंगे, विद्यार्थियों से चर्चा करेंगे एवं शिकायत/सुझाव प्राप्त कर उनका समाधान करने का प्रयास करेंगे। प्राप्त शिकायतों/सुझावों का लेखा जिला कार्यालय की छात्रावास शाखा संधारित रखेगी। छात्रावास विशेष तौर पर कन्या छात्रावास के आस-पास किसी भी तरह की अवैध गुमटियां, ठेले एवं अनावश्यक रूप से लोगों का जमावड़ा न हो सुनिश्चित किया जाय। जहां संभव हो पुलिस प्रशासन के माध्यम से छात्रावासों के आस-पास गश्त लगवाने की कार्यवाही की जावे। 

किसी भी प्रकार की घटना होने पर तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारी को सूचित किया जावे तथा अन्य आवश्यक कार्यवाही की जावे। छात्रावास अधीक्षक मुख्यालय पर ही निवास करें। परिसर में आवास गृह उपलब्ध होने पर परिसर में ही निवास करें। परिसर में आवास गृह उपलब्ध नही होने पर मुख्यालय पर ही किराए के मकान में निवास करें। जिन छात्रावासों का संचालन विभागीय भवन में संचालित हो उनमें अधीक्षक एवं चौकीदार आवास गृह उपलब्ध नही होने पर निर्माण का प्रस्ताव विभागाध्यक्ष को प्रेषित किए जावे तथा व्यक्तिगत प्रयास कर स्वीकृत कराये जावे।

छात्रावास में कार्यरत अन्य कर्मचारियों के व्यवहार एवं गतिविधियों पर छात्रावास अधीक्षक द्वारा नजर रखी जावे ताकि इन कर्मचारियों द्वारा कोई अप्रिय कार्य न किया जा सके। अधीक्षक सहित किसी भी कर्मचारी द्वारा शराब पीकर छात्रावास परिसर प्रवेश न करें, यह सुनिश्चित किया जाय। विद्यार्थियों के छात्रावास से स्कूल जाने संबंधी आगमन-निर्गम पंजी संधारित रखी जावे। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई विद्यार्थी अनाधिकृत रूप से गायब/गुम तो नहीं है, प्रतिदिन सुबह एवं सोने के पूर्व रात्रि को अधीक्षक द्वारा स्वयं विद्यार्थियों की उपस्थिति ली जावे। विद्यार्थियों की दैनिक आगमन-निर्गम पंजी संधारित रखी जावे। विद्यार्थियों से मिलने आने-जाने वाले अभिभावकों का लेखा-जोखा पंजी में संधारित किया जावे। सुरक्षा की दृष्टि से एवं अध्ययन कार्य से विचलित न हों, इस हेतु उनके द्वारा मोबाइल रखने पर प्रतिबंध लगाया जावे। किसी विद्यार्थी के पास मोबाइल पाया जाता है तो समझाईश के बाद मोबाइल उनके पालकों को सौंप दिया जावे ।

समस्त अधीक्षक इस जारी पत्र की प्रति प्रिंट करवाकर अपने टेबल पर रखेंगें तथा सुरक्षा संबंधी बिन्दुओं का कडाई से पालन करेंगे। लापरवाही की स्थिति में अधीक्षक के विरूद्ध कडी अनुशासनात्मक/वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री जेपी यादव ने बताया कि विगत दिनों माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर सोहागपुर (कंचनपुर) जिला शहडोल की एक छात्रा को अधीक्षक द्वारा कथित रूप से परिवार से गैर व्यक्ति के साथ घर जाने के लिए छोड दिया गया लेकिन छात्रा घर नहीं पहुंचकर किसी अन्य स्थान पर पहुंच गई जिससे छात्रा की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ एवं विभाग की छवि धूमिल हुई। इस कृत्य के लिए छात्रावास अधीक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है।

छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के संबंध में छात्रावास अधीक्षकों की पूर्व में आयोजित बैठकों में निर्देश दिए गए थे कि छात्रावासीय छात्र-छात्राओं को माता-पिता एवं सगे भाई-बहन के अलावा किसी अन्य के साथ नहीं छोडा जाय। छात्राओं को लाने ने जाने के लिए अधिकृत परिवारजन यथा माता-पिता, सगे भाई-बहन के फोटोग्राफ, पहचान पत्र (आधार कार्ड/मतदाता पहचान पत्र), मोबाइल नम्बर आदि दस्तावेज/जानकारी संस्था की पंजी में संधारित रखी जाये तथा इन्हीं के साथ छात्राओं को घर जाने के लिए छोड़ा जाय किन्तु अधीक्षक द्वारा उक्त प्रकरण में इसका पालन नहीं किया जाना पाया गया।

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अनिल पाण्डेय

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