बस की अफरा-तफरी में गोद से दूर हुआ बच्चा, इंसानियत और समझदारी ने टलने दी बड़ी अनहोनी
रुद्रपुर
इसे भी पढ़ें (Read Also): Bahraich news; जेठ माह की धूल भरी आंधी ने नानपारा में आम की फसलों को पहुंचाया भारी नुकसान
बस अड्डे की भीड़, यात्रियों की भागदौड़ और वाहनों के शोर के बीच शुक्रवार को रुद्रपुर रोडवेज बस स्टेशन पर ऐसा वाकया हुआ, जिसने हर किसी की सांसें थाम दीं। महज 10 माह का मासूम एक पल के भरोसे में अपने मां-बाप से बिछड़ गया, लेकिन एक कॉलेज छात्रा की सूझबूझ और इंसानियत ने बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचा दिया।
लालपुर निवासी रोहित रस्तोगी शुक्रवार दोपहर पत्नी रूपा और 10 माह के बेटे मन्नू के साथ मुरादाबाद जाने के लिए रुद्रपुर रोडवेज बस स्टेशन पहुंचे थे। बस के चलने में कुछ समय था। इसी दौरान दंपती शौचालय जाने के लिए मन्नू को पास बैठी कॉलेज छात्रा सिमरन की गोद में देकर चले गए। इसी बीच अचानक बस चल पड़ी और रोहित व रूपा बस स्टेशन पर ही छूट गए, जबकि मासूम मन्नू छात्रा की गोद में ही रह गया।
बस के आगे बढ़ते ही जब माता-पिता को बेटे के छूट जाने का अहसास हुआ तो मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घबराए दंपती ने बस का पीछा किया और रामपुर तक पहुंच गए। हर मोड़ पर अनहोनी का डर दिल को कचोटता रहा।
उधर, बस में बैठी कॉलेज छात्रा सिमरन भी हालात समझते ही घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत और सूझबूझ से काम लिया। उसने बस को नगर निगम कार्यालय के सामने रुकवाया और तुरंत बच्चे के माता-पिता की तलाश शुरू की। सिमरन ने मासूम को अकेला नहीं छोड़ा और उसकी सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझा।
घटना की सूचना मिलते ही मेयर विकास शर्मा भी सक्रिय हो गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी और पूरे मामले की निगरानी संभाली। कुछ ही समय में पुलिस और नगर निगम की मदद से बच्चे के परिजनों का पता लगा लिया गया। रामपुर पहुंचे माता-पिता को सूचना दी गई कि बच्चा रुद्रपुर में सुरक्षित है।
मेयर कार्यालय में जब मासूम मन्नू अपनी मां रूपा की गोद में लौटा तो माहौल भावुक हो गया। मां ने बच्चे को सीने से लगाकर रोते हुए दुलार किया। उस पल वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पिता रोहित ने राहत की सांस ली और कॉलेज छात्रा सिमरन का आभार जताया।
यह घटना जहां एक पल की लापरवाही का सबक देती है, वहीं छात्रा सिमरन की इंसानियत और सूझबूझ समाज के लिए भरोसे और संवेदनशीलता की मिसाल बनकर सामने आई।

