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समता, सत्य और सतनाम के प्रतीक गुरु घासीदास बाबा हमारे गौरव: अरविंद लहरिया

भुरकुंडा में बाबा गुरुघासीदास जयंती समारोह में शामिल हुए अरविंद लहरिया, ओजस्वी विचारों से दिया सामाजिक एकता का संदेश

अतुल्य भारत चेतना (वीरेंद्र यादव)

मस्तूरी। सतनाम पंथ के प्रवर्तक, समाज सुधारक एवं मानवता के महान संदेशवाहक संत शिरोमणि गुरुघासीदास बाबा जी की जयंती के पावन अवसर पर भुरकुंडा में आयोजित भव्य कार्यक्रम में कांग्रेस अनुसूचित जाति के प्रदेश संयोजक अरविंद लहरिया बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति और ओजस्वी वक्तव्य ने पूरे आयोजन को वैचारिक ऊंचाई प्रदान की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविंद लहरिया, जो कि मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया के सुपुत्र भी हैं, ने कहा कि गुरुघासीदास बाबा जी केवल एक संत नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समता और मानवता के जीवंत प्रतीक हैं। उनका ‘मनखे-मनखे एक समान’ का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना अपने समय में था।उन्होंने आगे कहा कि बाबा जी ने जिस समाज की कल्पना की थी, उसमें जाति, भेदभाव और शोषण के लिए कोई स्थान नहीं है। आज आवश्यकता है कि हम सभी बाबा के विचारों को केवल स्मरण तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने आचरण और जीवनशैली में उतारें।


अरविंद लहरिया ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा, संगठन और सामाजिक एकता ही वह रास्ता है, जिससे सतनाम समाज सहित समूचे देश का भविष्य सशक्त बन सकता है। बाबा जी का दर्शन हमें आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ना सिखाता है। उनके सधे हुए, भावनात्मक और प्रेरणादायी उद्बोधन ने उपस्थित ग्रामीणों, युवाओं एवं समाजजनों को गहराई से प्रभावित किया। पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

विशिष्ट जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य दामोदर कांत, जनपद सदस्य महेश्वर कुर्रे, पूर्व जनपद सदस्य अशोक दिनकर, बादल खूंटे, सूरज कुर्रे (सरपंच) सहित पंचगण, सतनाम समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन खेलन बंजारे, किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को अनुशासित एवं भावपूर्ण ढंग से संचालित किया।

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News Desk

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