अध्यापक ,अध्यापिकाओं व स्कूली बच्चो ने कामवन धाम के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के दर्शन
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संवाददाता मनमोहन गुप्ता भरतपुर
लॉर्ड कृष्ण कुम्हेर अकादमी स्कूल के सैकड़ों बच्चों ने किया शैक्षिक भ्रमण
डीग कामवन क़े ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण सर्वेश शर्मा क़े सानिध्य में कराया गया दौरा लॉर्ड कृष्ण व कुम्हेर अकादमी कुम्हेर ने विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया। इस दौरा निजी वाहनों से विद्यालय के बच्चों को कामवन के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का दौरा कराया गया।
भ्रमण की शुरुआत तीर्थराज विमलकुण्ड की परिक्रमा व विमल बिहारी मंदिर के दर्शन से हुई। विद्यार्थियों को मंदिर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के बारे में बताया गया।
नारद पुराण के अनुसार कामवन में स्थित विमलकुण्ड श्री हरि का उत्तम निवास स्थान है । यह परम पुण्य तीर्थ पुण्यात्मा पुरुषों से सेवित है और दर्शन मात्र से ही मोक्ष देने वाला है । वह अत्यंत दुर्लभ है । देवता लोग भी इसका दर्शन करने की अभिलाषा रखते हैं । यहां के दर्शन व लीलाओं का दर्शन देवतागण तपस्या से भी समर्थ नहीं हो पाते । जो यहां के दर्शन करता है उसे तीन लोकों में कुछ भी दुर्लभ नहीं ॥
वाराह पुराण के अनुसार कामवन के दर्शन करने से नरक नहीं भोगना पड़ता ।
गर्ग संहिता में इसका विस्तार से वर्णन मिलता है ।
भाद्रपद शुक्ल द्वितीया के दिन स्नान करने का परम माहात्म्य है । आज के दिन अगर कोई पक्षी भी इसके ऊपर से निकल जाये तो उसका भी मोक्ष हो जाता है । इसके पश्चात सभी छात्र चौरासी खम्भा ,गयाकुण्ड व चरण पहाड़ी क़े दर्शन कर खिसलनी शिला पर आनन्द लेते हुए भोजन थाली पहुंचे, जहां उन्होंने परिक्रमा कर धार्मिक आस्था और संस्कृति को करीब से समझा। बताया गया कि कामवन वह पावन भूमि है जहां भगवान श्रीकृष्ण का बचपन व्यतीत हुआ यहां उन्होंने गऊ चारण किया तथा प्रतिदिन अनेकों लीलाएं कीं तथा भामासुर राक्षस का संहार किया। कामवन क़े महाभारतकालीन पांच पांडव व प्राचीन कामेश्वर मन्दिर क़े दर्शन विद्यार्थियों को करवाये गये। श्रीकृष्ण ने ललिता सखी क़े कहने पर रामअवतार की समस्त लीलाएं कामवन में की जिसके साक्ष्य क़े रूप में यहां सेतुबंध रामेश्वर ,लंका यशोदा ,अशोक वाटिका विद्यमान हैं।
विद्यालय के अध्यापक व अध्यापिकाओं ने सभी ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के महत्व के बारे में बच्चों को विस्तार से जानकारी दी।

