अतुल्य भारत चेतना (संवाददाता)
लखनऊ: संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वर्ल्ड मेडिटेशन डे (World Meditation Day) के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय के गोमती नगर केंद्र, आत्म चिंतन भवन में “विश्व एकता में विश्वास” तथा “विश्व एकता एवं विश्वास के लिए योग/मेडिटेशन” थीम पर एक भव्य राजयोग मेडिटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय की मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक चुनौतियों के बीच लोगों को आंतरिक शांति, शक्ति और एकता का अनुभव कराना था।

कार्यक्रम के शुरुआत में गोमती नगर केंद्र की इंचार्ज राजयोगिनी राधा दीदी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए योग और मेडिटेशन के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि योग मुख्य रूप से शारीरिक अभ्यास है, जबकि मेडिटेशन का सीधा संबंध मन और आत्मा से होता है।

महाभारत के प्रसंग का उदाहरण देते हुए राधा दीदी ने बताया कि जैसे अर्जुन विषम परिस्थितियों में मोह, निराशा और द्वंद्व में फंस गए थे, वैसे ही आज का मनुष्य क्रोध, तनाव और भ्रम की स्थिति में जी रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि उस समय अर्जुन के साथ श्रीकृष्ण थे, लेकिन आज का मनुष्य स्वयं को अकेला समझता है, जबकि वास्तव में वह कभी अकेला नहीं होता। परमपिता परमात्मा का संरक्षण सदैव हमारे साथ है, बस हम उससे जुड़ना भूल जाते हैं। मन की स्थिति को बैटरी से तुलना करते हुए राधा दीदी ने समझाया कि जैसे बैटरी को बार-बार चार्ज करने की आवश्यकता होती है, वैसे ही मन को अविनाशी ऊर्जा के स्रोत परमपिता परमात्मा से जोड़कर चार्ज करना चाहिए।

राधा दीदी ने जोर देकर कहा कि आज का मनुष्य प्रेम, शांति, खुशी और आराम दूसरों से मांगता है, लेकिन जब वह राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से परमात्मा से जुड़ता है, तो वह दूसरों से मांगना छोड़कर स्वयं के भीतर इन गुणों का अनुभव करने लगता है। इसके फलस्वरूप ऊर्जा का प्रवाह स्वयं से दूसरों की ओर होने लगता है, जिससे विश्व एकता और सौहार्द की भावना मजबूत होती है।

कार्यक्रम में राजयोगिनी स्वर्णलता दीदी ने राजयोग मेडिटेशन की विधि को प्रायोगिक अभ्यास के माध्यम से समझाया और उपस्थित सभी लोगों को आंतरिक शांति तथा सकारात्मक ऊर्जा का प्रत्यक्ष अनुभव कराया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर जनरल टेक्निकल एजुकेशन श्री अविनाश कृष्ण सिंह, श्री सुरजीत जी तथा प्रसिद्ध शिक्षाविद् श्री रविंद्र अग्रवाल जी उपस्थित रहे। अतिथियों ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मेडिटेशन मानव जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रसाद वितरित किया गया और शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में कार्यक्रम का समापन हुआ। इस आयोजन ने उपस्थित सभी लोगों के मन में आंतरिक शांति और विश्व एकता की भावना को और मजबूत किया।
ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान विश्व ध्यान दिवस को विश्वभर में राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो आंतरिक परिवर्तन और वैश्विक सद्भाव का मार्ग प्रशस्त करता है।

