रिपोर्ट: वीरेंद्र यादव
लोकेशन :मस्तूरी
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अतुल्य भारत चेतना
*जयरामनगर रेलवे ब्रिज व 15वें वित्त की राशि पर सरकार कटघरे में, विधायक दिलीप लहरिया ने विधानसभा में उठाए मस्तूरी के ज्वलंत जनहित मुद्दे*
बिलासपुर/मस्तूरी।
मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र की दो प्रमुख जनसमस्याओं—जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण में अत्यधिक देरी तथा ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग की राशि जारी न होने—को लेकर विधायक *दिलीप लहरिया* ने विधानसभा में प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
विधायक श्री लहरिया ने बताया कि जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज का वर्क ऑर्डर वर्ष 2019 में जारी हुआ था और 18 माह में कार्य पूर्ण होना था, लेकिन वर्षों बाद भी ब्रिज अधूरा है। इससे रोजाना हजारों ग्रामीण, छात्र, मजदूर व मरीजों को जान जोखिम में डालकर रेलवे क्रॉसिंग पार करनी पड़ रही है। उन्होंने इसे सरकार की लचर निगरानी और ठेकेदारों पर ढिलाई का परिणाम बताया।
दूसरी ओर, विधायक ने जनपद पंचायत मस्तूरी की 131 ग्राम पंचायतों को अब तक 15वें वित्त आयोग की अनुदान राशि जारी न होने का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कार्यकाल शुरू हुए 9 माह से अधिक बीत जाने के बावजूद राशि न मिलने से पेयजल, सड़क, नाली, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवन जैसे मूलभूत विकास कार्य ठप पड़े हैं, जिससे ग्रामीण जनता में भारी आक्रोश है।
विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि बिना वित्तीय संसाधनों के ग्राम पंचायतें अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि जयरामनगर ओवरब्रिज का निर्माण तय समय-सीमा में पूरा किया जाए और 15वें वित्त की राशि तत्काल ग्राम पंचायतों को जारी की जाए, ताकि ग्रामीण विकास को गति मिल सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष जनता की आवाज बनकर इन मुद्दों को लगातार सदन में उठाता रहेगा और जब तक समाधान नहीं होगा, संघर्ष जारी रहेगा।

