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कामां को कामवन *बनाने के लिए सेवायताधिकारी ने मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

*कामां को कामवन *बनाने के लिए सेवायताधिकारी ने मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता भरतपुर

  कामां – कामां को कामवन बनाने की मांग दिनों दिन तेज होती जा रही है सभी समाजो से ज्ञापन दिया जा रहा है तो अब धार्मिक सेवायताधिकारी भी पीछे नही है ! कामवन धाम कामां के अतिप्राचीन मन्दिर श्री राधावल्लभ के सेवायताधिकारी आशुतोष कौशिक नूनू ने आज सोमबार को उपखंड अधिकारी कार्यलय पहुंचर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम कामां को कामवन बनाने का ज्ञापन सुपुर्द किया तो वही उपखंड कार्यालय पर आंशिक प्रदर्शन भी किया। । 

    सेवायताधिकारी आशुतोष कौशिक नूनू ने बताया कि उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को एक ज्ञापन देकर कामवन नाम अतिशीघ्र करने की मांग की है। कामवन धाम है यही पहचान है का नारा बुलंद किया। इस अवसर ओर नूनू ने कहा कि कामां को पौराणिक शास्त्रों में आदि वृंदावन *कामवन* के नाम से पढ़ा व जाना जाता है। यह बृज क्षेत्र का मूलाधार है। भगवान श्री कृष्ण की क्रीड़ा स्थली इसे यूं ही नहीं कहा जाता है यहां पर श्री चंद्रमा जी, श्री मदन मोहन जी, श्री विमल कुंड, श्री कामेश्वर महादेव,श्री वृंदा देवी मंदिर,भोजन थाली ऐसे सैकड़ो तीर्थ स्थान दर्शनीय ही नहीं बल्कि देश-विदेश के भक्तों का पर्यटन का मन मोह लेते हैं। दिन प्रतिदिन पर्यटकों का आवागमन बहुत तेजी से बढ़ रहा है।

  ज्ञापन में कहा कि बृज चौरासी कोस यात्रा का सबसे अधिक पांच दिनों का पड़ाव स्थल कामवन धाम है। जहां यात्री मंदिर मनोरथों के दर्शनों का लाभ प्राप्त कर अपने आप को धन्य समझते हैं। 

  सरकार को चाहिए कि ग्रन्थों-पुराणों से बृज चौरासी महात्म का अध्ययन करावे। आमजन की मांग को ध्यान में रखते हुए कामां का प्राचीन नाम *कामवन* अविलंब घोषित किया जाए सरकार में बैठे मंत्रिमंडल सदस्य कामां के इतिहास से भली-भांति परिचित है।

नूनू कौशिक ने बताया कि पिछले 2 ढाई साल से महीने की हर पूनो को कामां कामवन धाम की सप्तकोसी परिक्रमा उठाई लगाई जाती है जब तक कामां को कामवन नही बनाया जाएगा तब तक ये मुहिम चलाई जाएगी

इस अवसर पर मन्दिर श्री राधावल्लभ सेवायताधिकारी आशुतोष कौशिक नूनू, वनवारी सोनी,घनश्याम गर्ग, भोला बाबा , ताराचंद यादव, राकेश अग्रवाल कैलाश गर्ग , इत्यादी श्रदालु,उपस्थित रहे। ।

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मनमोहन गुप्ता

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