दिल्ली के बाद राजस्थान में भी टैक्स फ्री हुई ‘120 बहादुर’: मेजर शैतान सिंह भाटी की अमर वीरगाथा को सलाम
जयपुर/नई दिल्ली। देशभक्ति की एक और मिसाल कायम करते हुए राजस्थान सरकार ने फरहान अख्तर अभिनीत फिल्म ‘120 बहादुर’ को राज्य में टैक्स फ्री घोषित कर दिया है। दिल्ली के बाद यह दूसरा राज्य है जहां इस युद्ध-नाटक को यह सम्मान मिला है। यह फैसला परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह भाटी और 1962 के भारत-चीन युद्ध में रेजांग ला की लड़ाई में शहीद हुए 120 बहादुर सैनिकों के बलिदान को श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है। आज ही मेजर शैतान सिंह भाटी की जन्म जयंती पर यह घोषणा राजस्थान की वीर भूमि के गौरव को नई ऊंचाई देती है।
फिल्म ‘120 बहादुर’ को 21 नवंबर 2025 को रिलीज हुए महज एक सप्ताह में ही दो राज्यों में टैक्स फ्री मिलना दर्शाता है कि यह केवल एक मनोरंजन फिल्म नहीं, बल्कि राष्ट्र-रक्षा की अमर कहानी है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस कदम का फरहान अख्तर ने सोशल मीडिया पर स्वागत किया है। उन्होंने लिखा, “हम राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। यह उनका सम्मानजनक कदम है, जो मेजर शैतान सिंह भाटी (पीवीसी) और चार्ली कंपनी के प्रत्येक सैनिक के असाधारण साहस को श्रद्धांजलि देता है।”
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फिल्म ‘120 बहादुर’: रेजांग ला की अनकही कहानी
निर्देशक रजनीश राय घई द्वारा बनाई गई यह फिल्म 1962 के भारत-चीन युद्ध के एक सबसे क्रांतिकारी अध्याय रेजांग ला की लड़ाई पर आधारित है। एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैपी स्टूडियोज के बैनर तले बनी इस फिल्म में फरहान अख्तर ने मेजर शैतान सिंह भाटी की भूमिका निभाई है, जबकि राशी खन्ना उनकी पत्नी शगुन कंवर के किरदार में हैं। सहायक कलाकारों में अंकित सिवाच, विवान भटेना, ईजाज खान, अजिंक्य देवो, स्पर्श वालिया, साहिब वर्मा और धनवीर सिंह शामिल हैं।
फिल्म लद्दाख के रेजांग ला दर्रे पर केंद्रित है, जहां 13 कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के मात्र 120 सैनिकों ने 3,000 से अधिक चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला किया। ठंडे हिमालयी मौसम में, पुरानी .303 राइफलों और सीमित संसाधनों के बावजूद, इन बहादुरों ने सात हमलों को विफल कर दिया। फिल्म में युद्ध दृश्यों की भव्यता और कलाकारों के अभिनय की सराहना हो रही है, हालांकि कुछ आलोचकों ने पटकथा पर सवाल उठाए हैं। हृतिक रोशन ने इसे “सुंदरता से बुनी गई फिल्म” बताते हुए फरहान की तारीफ की है।
फिल्म की रिलीज से पहले ही विवाद भी हुआ। राजस्थान की अहीर यादव समुदाय ने फिल्म के शीर्षक को बदलकर ‘120 वीर अहीर’ करने की मांग की थी, क्योंकि चार्ली कंपनी के अधिकांश सैनिक अहीर समुदाय से थे। हालांकि, निर्माताओं ने इसे सुलझा लिया।
टैक्स फ्री का सफर: दिल्ली से राजस्थान तक
- दिल्ली: 27 नवंबर 2025 को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फिल्म को 28 नवंबर से टैक्स फ्री घोषित किया। उन्होंने कहा, “यह फिल्म 120 सैनिकों के साहस, नेतृत्व और बलिदान को दर्शाती है। मेजर शैतान सिंह भाटी की प्रेरणादायक भूमिका भारतीय सैन्य इतिहास का प्रतीक है।”
- राजस्थान: 28 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे मंजूरी दी। यह फैसला शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी की मांग पर आधारित था, जिन्होंने 10 नवंबर को ही सीएम को पत्र लिखा था। भाटी ने कहा, “यह फिल्म हमारे सैनिकों के बलिदान की कहानी है, इसे टैक्स फ्री बनाकर हम नई पीढ़ी तक यह संदेश पहुंचा सकते हैं।”
सोशल मीडिया पर भी उत्साह है। पूर्व सैन्य अधिकारी ब्रिगेडियर भूपेश सिंह ने ट्वीट किया, “अपने प्रदेश में ‘120 बहादुर’ को टैक्स फ्री घोषित किया गया! परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह जी भाटी की अमर वीरगाथा को शत-शत नमन!” कई यूजर्स अन्य राज्यों से भी टैक्स फ्री की मांग कर रहे हैं।
मेजर शैतान सिंह भाटी: वीरता की जीवंत मिसाल
आज मेजर शैतान सिंह भाटी का जन्मदिन है। 1 दिसंबर 1924 को जोधपुर जिले के बनासर गांव (अब शैतान सिंह नगर) में एक राजपूत भाटी परिवार में जन्मे शैतान सिंह का पूरा नाम मेजर शैतान सिंह भाटी था। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल हेम सिंह भाटी प्रथम विश्व युद्ध में फ्रांस में लड़े और ‘ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर’ से सम्मानित हुए।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा:
- चोपासनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जोधपुर से 1943 में हाई स्कूल पास किया, जहां फुटबॉल में उनकी महारत प्रसिद्ध थी।
- 1947 में जसवंत कॉलेज से स्नातक। पिता की प्रेरणा से सेना में जाने का सपना देखा।
सैन्य करियर:
- 1 अगस्त 1949 को जोधपुर स्टेट फोर्सेज में अधिकारी के रूप में शामिल हुए। भारत में विलय के बाद कुमाऊं रेजिमेंट में स्थानांतरित।
- 25 नवंबर 1955 को कैप्टन बने। नागा हिल्स अभियान और 1961 के गोवा मुक्ति अभियान (ऑपरेशन विजय) में भाग लिया।
- शादी शगुन कंवर से हुई, एक पुत्र नरपत को प्राप्त हुआ।
रेजांग ला का अमर बलिदान: 18 नवंबर 1962 को रेजांग ला में चार्ली कंपनी के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में, मेजर शैतान सिंह ने 120 सैनिकों (मुख्यतः अहीर योद्धा) के साथ 3,000+ चीनी सैनिकों का सामना किया। हिमालय की कठोर ठंड (-30 डिग्री) में, बर्फीले तूफान और पुराने हथियारों के बावजूद, उन्होंने सात हमलों को नाकाम किया। गंभीर रूप से घायल होने पर भी वे पोस्ट से पोस्ट घूमे, सैनिकों को प्रेरित करते रहे। अंत में, उन्होंने शत्रु को भारी क्षति पहुंचाई और वीरगति प्राप्त की। तीन माह बाद बर्फ पिघलने पर उनका शव मिला, जिसमें बंदूक अभी भी थामी हुई थी।
सम्मान और विरासत:
- मरणोपरांत परमवीर चक्र से नवाजे गए। उद्धरण: “उनकी वीरता ने सैनिकों को अंतिम सांस तक लड़ने के लिए प्रेरित किया।”
- राजस्थान में शैतान सिंह नगर, शैतान सिंह नगर रेलवे स्टेशन, जयपुर में शैतान सिंह कॉलोनी नामित।
- रेजांग ला युद्ध स्मारक पर उनकी मूर्ति। हर साल 18 नवंबर को ‘रेजांग ला डे’ मनाया जाता है।
सोशल मीडिया पर उनकी जयंती पर सैकड़ों श्रद्धांजलि संदेश आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “आपका अदम्य साहस आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।”
निष्कर्ष: बलिदान की अमर ज्योति
‘120 बहादुर’ को टैक्स फ्री बनाना न केवल फिल्म को बढ़ावा देगा, बल्कि मेजर शैतान सिंह भाटी जैसे वीरों की कहानी को लाखों तक पहुंचाएगा। राजस्थान की यह पहल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा है। जैसा कि एक ट्वीट में कहा गया, “यह फिल्म सैनिकों का सम्मान है, इसे सभी राज्यों में टैक्स फ्री बनाएं।” जय हिंद! जय राजस्थान!
(स्रोत: न्यूज18, टाइम्स ऑफ इंडिया, विकिपीडिया, इंडिया टुडे, एक्स पोस्ट्स)

