अतुल्य भारत चेतना
मोहम्मद अशफाक
मोहम्मदी/लखीमपुर खीरी। तहसील मोहम्मदी के ग्राम पंचायत बंजरिया के मजरा दुल्हापुर में सार्वजनिक कुएं व उसकी आसपास की जमीन पर कब्जे को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। गांव के एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर 60 साल पुराने सार्वजनिक कुएं को दीवार से घेरकर निजी बनाने का आरोप लगाया है।
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मामला क्या है?
पीड़ित रविंदर कुमार ने आरोप लगाया कि गांव के ही चुनगू ने उनके घर के सामने वाली सार्वजनिक जमीन पर पक्की दीवार खड़ी कर कब्जा कर लिया है। रविंदर व उनकी पत्नी का कहना है कि डेढ़ महीने से कोतवाली, पुलिस चौकी और पंचायती राज के माध्यम से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। चुनगू उन्हें लगातार धमकी दे रहा है, जिससे पूरा परिवार भयभीत है।
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ग्रामीणों ने खोला राज
ग्रामीणों मीरा देवी, गंगाराम, शांति देवी व मोतीलाल ने साफ कहा: “यह जमीन न रविंदर की है, न चुनगू की। यह गांव का करीब 60 साल पुराना सार्वजनिक कुआं है। शादी-ब्याह और अन्य आयोजनों में गांव की महिलाएं यहीं से पानी लेती रही हैं। गांव करीब 80 साल पुराना है, जिसे पहलाद नामक व्यक्ति ने दान में दी गई जमीन पर बसाया था।” चुनगू का दावा है कि वह मूल रूप से मोहम्मदी के हथेला बाजितपुर का रहने वाला है और 20 साल पहले भाभी से विवाह के बाद दुल्हापुर में बस गया।
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विधायक ने लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए रविंदर अपनी पत्नी के साथ विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह के जनता दरबार में पहुंचा। विधायक ने तुरंत चौकी प्रभारी रेहरिया को फोन कर पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। विधायक ने साफ कहा: “अगर जमीन सार्वजनिक सिद्ध हुई तो उस पर किसी का भी व्यक्तिगत कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” ग्रामीणों ने विधायक के हस्तक्षेप पर राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही कुएं व सार्वजनिक जमीन को मुक्त कराया जाएगा। मामले में अभी पुलिस जांच जारी है।

