अतुल्य भारत चेतना
रईस
बहराइच। उप कृषि निदेशक विनय कुमार वर्मा ने बताया कि फार्मर आईडी बनवाने में रूचि न लेने वाले किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में असुविधा होगी। कृषि विभाग द्वारा निरन्तर जागरूकता अभियान संचालित किये जाने के बावजूद अभी भी शत प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी नहीं बन पायी है। जिले में कुल 05 लाख 08 हज़ार 600 किसानों की फार्मर आईडी बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 02 लाख 80 हजार 733 किसानों की फार्मर आईडी बनाई गयी है, जो कि लक्ष्य का मात्र 55 प्रतिशत है।
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श्री वर्मा ने बताया कि फार्मर आईडी न बनवाने वाले किसानों को निकट भविष्य में सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य सभी विभागीय योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा सकता है। उप कृषि निदेशक ने जिले के कृषकों से अपील की है कि कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों, राजस्व लेखपाल से सम्पर्क कर अथवा स्वयं अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर फार्मर आईडी बनवा लें। जिससे कि उन्हें कृषि योजनाओं सहित अन्य सभी सरकारी योजनाओं, किसान क्रेडिट कार्ड व भूमि सम्बन्धी अन्य लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। फार्मर आईडी बनवा लेने से किसानों को खाद, बीज व कृषि निवेशों में अनुदान प्राप्त करने में आसानी होगी। फार्मर आईडी किसानों की पहचान होगी। फार्मर आईडी के यूनिक कोड की मदद से कृषक सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। डीडी एग्री श्री वर्मा ने बताया कि फार्मर आईडी बनवाने के बाद कृषक को एक क्लिक पर ही इंटरनेट के माध्यम से सम्पूर्ण भारत में कृषक का पूरा ब्यौरा उपलब्ध हो सकेगा।
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जिससे किसान को कहीं भी अपने अभिलेख व कागज़ात साथ लेकर नहीं जाना पड़ेगा। श्री वर्मा ने बताया कि फार्मर आईडी बनवाने वाले किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, केसीसी तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा। श्री वर्मा ने किसानों को सुझाव दिया है कि शीघ्र से शीघ्र फार्मर आईडी बनवा लें ताकि उन्हें सभी प्रकार की योजनाओं का लाभ मिलता रहे।

