अतुल्य भारत चेतना
ब्युरो चीफ हाकम सिंह रघुवंशी
नटेरन/विदिशा। नटेरन क्षेत्र में शनिवार और रविवार को हुई भारी बारिश ने किसानों की सोयाबीन फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। क्षेत्र के कई गांवों में कटी हुई सोयाबीन की फसल खराब हो गई, जिससे किसान बेहद परेशान हैं। रविवार दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक हुई तेज बारिश से खेत जलमग्न हो गए, और कटी हुई फसल पानी में बहने लगी। अक्टूबर माह में इतनी भारी बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, और अब हार्वेस्टर पहुंचने में भी दिक्कत हो रही है।
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बारिश का प्रभाव और प्रभावित गांव
नटेरन क्षेत्र के सेऊ, खैराई, खैराना, बेलानारा, चमराहा, मुड़री, मूडरा, रावण, रिनिया, पमारिया, रावण खाईखेड़ा, नागौर, नरखेड़ा, नगतरा सहित आसपास के सभी गांवों में सोयाबीन की फसल को भारी क्षति पहुंची है। बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया, जिससे कटी हुई सोयाबीन की फसल पूरी तरह खराब हो गई। किसानों ने बताया कि पकी हुई फसल अब बेकार हो गई है, और पानी में डूबने से फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। क्षेत्र में कच्चे रास्तों के कारण हार्वेस्टर पहुंचना मुश्किल हो गया है, और मजदूरों की कमी से भी समस्या बढ़ गई है।

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किसानों की आपबीती और नुकसान का आकलन
ग्राम नगतरा के कृषक लक्ष्मी नारायण एवं भूरा चौधरी ने बताया, “रविवार को बहुत तेज बारिश हुई, जिससे खेतों में कटी हुई फसल खराब हो गई है। खेतों में पानी भर गया, और अक्टूबर के माह में इतनी तेज बारिश से किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। हमारी पूरी मेहनत बर्बाद हो गई।” उन्होंने आगे कहा कि बारिश से पहले फसल अच्छी थी, लेकिन अब पानी में डूबने से फसल बह गई और सड़ने लगी है।
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नटेरन के श्यामू ठाकुर ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा, “बारिश से सोयाबीन की पकी फसल खराब हो गई है। खेतों में हार्वेस्टर पहुंचने में भी दिक्कत होगी, क्योंकि कच्चे रस्ते हैं। मजदूर मिल नहीं रहे, और बारिश की वजह से हार्वेस्टर चल नहीं पाएंगे। किसान बहुत परेशान हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मौसम में ऐसी बारिश अप्रत्याशित थी, जिसने किसानों की कमर तोड़ दी है। क्षेत्रीय स्तर पर नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है, लेकिन प्रारंभिक अनुमान के अनुसार हजारों हेक्टेयर में फैली सोयाबीन की फसल प्रभावित हुई है।

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बारिश की वजह और मौसम का प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार, नटेरन क्षेत्र में मानसून की विदाई के समय हुई यह बारिश असामान्य थी। रविवार को तीन घंटे में हुई तेज बारिश से नदियां और नाले उफान पर आ गए, जिससे खेतों में पानी भर गया। किसानों का कहना है कि अगर समय पर फसल कटाई हो जाती, तो नुकसान कम होता, लेकिन बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। क्षेत्र में सोयाबीन मुख्य फसल है, और इस नुकसान से किसानों की आर्थिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। कई किसान कर्ज में हैं, और अब फसल बीमा का दावा करने की तैयारी कर रहे हैं।

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किसानों की मांग और समर्थन की अपील
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का सर्वेक्षण कर राहत प्रदान की जाए। वे फसल बीमा की राशि जल्द से जल्द दिलाने और वैकल्पिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की अपील कर रहे हैं। स्थानीय कृषि अधिकारी ने कहा कि टीमों को क्षेत्र में भेजा जा रहा है, और नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। सामाजिक संगठनों ने भी किसानों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है।

