Breaking
Sun. Jan 11th, 2026

अतुल्य भारत चेतना | रईस

रूपईडीहा/बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा से सटे गांवों में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ स्थानीय प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। सरकार के निर्देशानुसार, सीमा क्षेत्र के 0 से 10 किलोमीटर के दायरे में अवैध कब्जों को हटाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार, 02 मई 2025 को ग्रामसभा माधौपुर निदौना और नगर पंचायत रुपईडीहा के पचपकरी वार्ड में बुलडोजर के माध्यम से अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया।

कार्रवाई का विवरण

प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई में ग्रामसभा माधौपुर निदौना में दो स्थानों पर अवैध अतिक्रमण हटाए गए। वहीं, नगर पंचायत रुपईडीहा के पचपकरी वार्ड में एक दुकान की दीवार को गिराया गया, जो अवैध रूप से निर्मित थी। जानकारी के अनुसार, ये सभी निर्माण घूर गद्दा (कचरा निपटान स्थल) और खलिहान की सरकारी जमीन पर किए गए थे।

इसे भी पढ़ें : रिश्तों में छोटी-छोटी गलतफहमियों (misunderstandings) से होने वाली तकरार को रोकने और प्रेमपूर्ण संबंधों के साथ खुशहाल जीवन जीने के लिए खास उपाय

इस अभियान का उद्देश्य संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराना और कानून-व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कार्रवाई में शामिल अधिकारी और पुलिस बल

इस बुलडोजर कार्रवाई में नानपारा तहसील के नायब तहसीलदार अक्षय पांडे, कानूनगो राम सजीवन पांडे, लेखपाल करुणेश त्रिपाठी और थाना रुपईडीहा की पुलिस टीम मौजूद रही। कार्रवाई को सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से अंजाम देने के लिए प्रशासन ने पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं।

सरकार का सख्त रुख

उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत-नेपाल सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में अवैध कब्जों, धार्मिक या शैक्षणिक संस्थानों के अवैध संचालन के खिलाफ सख्त नीति अपनाई है। बहराइच जिले में पहले भी तहसील नानपारा और मिहींपुरवा में सैकड़ों अवैध अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। इस अभियान के तहत न केवल अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है, बल्कि बिना मान्यता संचालित धार्मिक संस्थानों पर भी कार्रवाई की जा रही है।

इसे भी पढ़ें : लखनऊ SCR में सुल्तानपुर रोड पर विकसित हो रही टाउनशिप के अंतर्गत प्लॉट में निवेश के फायदे?

स्थानीय प्रभाव और प्रतिक्रिया

रुपईडीहा और माधौपुर निदौना में हुई इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल है। कुछ लोग इसे सरकारी जमीन को मुक्त कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ प्रभावित पक्षों ने इस कार्रवाई पर असंतोष जताया है। प्रशासन ने प्रभावित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर पहले ही निर्माण हटाने की चेतावनी दी थी, लेकिन अनुपालन न होने पर बुलडोजर कार्रवाई आवश्यक हो गई।

आगे की योजना

जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। बहराइच के मुख्य राजस्व अधिकारी देवेंद्र पाल सिंह के अनुसार, जिले में कुल 384 अवैध कब्जों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। प्रशासन को नियमित मॉनिटरिंग और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में अवैध अतिक्रमण की पुनरावृत्ति न हो।

इसे भी पढ़ें: IPL 2025 (SEASON 18) से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी

भारत-नेपाल सीमा पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चल रहा यह अभियान न केवल सरकारी जमीन को मुक्त कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक है। बहराइच प्रशासन की यह कार्रवाई अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है, जहां इसी तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं।

Author Photo

News Desk

Responsive Ad Your Ad Alt Text
Responsive Ad Your Ad Alt Text

Related Post

Responsive Ad Your Ad Alt Text