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तिलक, शिखा व जनेऊ है ब्राह्मण की पहचान – पंडित जुगल किशोर तिवारी

अतुल्य भारत चेतना
सत्येंद्र राजपूत

महोबा :- समाज को संगठित करने के लिए समाज में व्याप्त बुराइयों का खात्मा कर नई पीढ़ी को शिक्षित कर संगठित किया जा सकता है विप्र समाज तिलक, शिखा एवं जनेऊ को धारण कर अपनी परंपरा का निर्वहन करें। यह बात अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक पंडित जुगल किशोर तिवारी ने आयोजित कार्यक्रम में कही है। जनपद मुख्यालय स्थित टूरिस्ट बंगला में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के द्वारा राष्ट्रीय संरक्षक आईपीएस पंडित जुगल किशोर तिवारी की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीआईजी फायर ब्रिगेड व राष्ट्रीय संरक्षक पंडित जेके तिवारी ने कार्यक्रम में उपस्थित विप्र बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की नई पीढ़ी को शिक्षित कर ही संगठित किया जा सकता है । विप्र बंधुओं को अपनी पहचान तिलक , शिखा और जनेऊ को धारण कर अपनी परंपरा का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुराने समय से ही ब्राह्मणों के द्वारा सर्व समाज के लोगों को सही दिशा दिखाई गई है कहा जाए तो ब्राह्मण समाज संपूर्ण समाज का नेतृत्व करता मार्गदर्शन बनकर रहा है। उन्होंने समाज के सभी लोगों को एक सूत्र में पिरोने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि संंगठन में शक्ति है इसलिए जब समाज के लोग संगठित होंगे तभी समाज की ताक़त बढ़ेगी। इस मौके पर संगठन के जिला संरक्षक पंडित जुगल द्विवेदी, अरविंद तिवारी, उपेंद्र द्विवेदी, रमाकांत शुक्ला, सुरेश पचौरी, पंडित जग प्रसाद तिवारी, भूपेंद्र द्विवेदी , महंत श्री शिवांशु दास, भागीरथ नगायच, समेत समाज के अन्य लोग मौजूद रहे हैं।

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News Desk

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