श्री राम वाटिका धाम धौरहरा में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन
RSS के शताब्दी वर्ष पर ‘पंच परिवर्तन’ अभियान को मिली नई गति
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अतुल्य भारत चेतना (रमाकांत यादव)
धौरहरा/लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष 2025 के अवसर पर समाज में सकारात्मक बदलावों को सशक्त करने के उद्देश्य से श्री राम वाटिका धाम, धौरहरा में शनिवार को विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। गोस्वामी तुलसीदास जी की पावन रचना स्थली पर आयोजित इस सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि मुकेश मोलवा एवं क्षेत्रीय विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु, स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सम्मेलन का मुख्य विषय RSS के ‘पंच परिवर्तन’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाना रहा, जिसमें समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य—पर विशेष जोर दिया गया।
पंच परिवर्तन पर विस्तार से प्रकाश
वक्ताओं ने बताया कि ‘पंच परिवर्तन’ RSS की भावी कार्ययोजना का अहम हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य समाज को संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करना है।
- सामाजिक समरसता के माध्यम से समाज में समानता और एकता को बढ़ावा देकर भेदभाव समाप्त करने का आह्वान किया गया।
- कुटुंब प्रबोधन के तहत पारिवारिक मूल्यों को मजबूत कर संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई गई।
- पर्यावरण संरक्षण में जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने पर बल दिया गया।
- स्वदेशी के माध्यम से आत्मनिर्भर जीवनशैली अपनाने और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की बात कही गई।
- नागरिक कर्तव्य के अंतर्गत कानून पालन, मतदान और राष्ट्र के प्रति दायित्वों के निर्वहन पर जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया गया।
कवि सम्मेलन ने बांधा समां
सम्मेलन के दौरान आयोजित कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय कवि मुकेश मोलवा ने सनातन धर्म, भारतीय इतिहास और RSS के पंच परिवर्तन पर आधारित ओजपूर्ण कविताओं से श्रोताओं में राष्ट्रभक्ति का संचार किया। उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ का गायन करते हुए ‘जय श्री राम’ के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
क्षेत्रीय कवियों शशांक, गौरव और नवल सुधांशु ने भी अपनी सशक्त रचनाओं से हिंदू एकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया, जिससे पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
संतों और जनप्रतिनिधियों के विचार
समरसता प्रमुख राजकिशोर ने पंच परिवर्तन को समाजिक समरसता का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि ये परिवर्तन भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे ले जाएंगे।
अयोध्या से पधारे संत विष्णु देवाचार्य ने राम जन्मभूमि आंदोलन से प्रेरणा लेते हुए पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी को अपनाने का संदेश दिया।
विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने स्थानीय स्तर पर पंच परिवर्तन के लक्ष्यों को लागू करने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
भजन-कीर्तन और वृक्षारोपण के साथ समापन
श्री राम वाटिका धाम प्रबंधन के अनुसार, तुलसी जयंती के अवसर पर आयोजित यह विराट सम्मेलन RSS के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण कड़ी रहा। कार्यक्रम का समापन भजन-कीर्तन, वृक्षारोपण एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में हिंदू समाज के लोगों ने सहभागिता की।
इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त किया, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण के प्रति नई ऊर्जा का संचार भी किया।

