श्री तीर्थराज विमल कुंड सेवा समिति ने उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
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संवाददाता मनमोहन गुप्ता भरतपुर
विमल कुंड स्थित 40 मंदिरों के सेवायताधिकारी व महंत आये आगे
कामां – कामां को कामवन बनाने के लिए सोमवार को श्री विमल कुंड सेवा समिति कामवन के तत्वावधान में उपखंड अधिकारी कों ज्ञापन दिया गया जिसमें कामां कामवन धाम के बिमल कुंड स्थित श्री तीर्थराज विमल कुंड सेवा समिति के गोविंद सिंह गुर्जर ने बताया कि ब्रज मंडल के 12 वनों में कामवन पाचवाँ वन है। पूर्व में कामां का नाम कामवन ही रह है जो लोगो की आस्था से जुड़ा है। अतः जनमानस की भावनाओं के अनुकूल अतिशीघ्र कामवन नाम किया जाए। गुर्जर ने कहा कि महाभारत, ब्रह्म वैवर्त पुराण, श्री मद भागवत पुराण, स्कंद पुराण, गर्ग संहिता, नारद पुराण, विष्णु पुराण, बाराह पुराण में कामवन के महत्व का विस्तार से वर्णन किया गया है। विभिन्न युगों में अनेको नाम से कामवन को जाना जाता है किंतु कलयुग में कामवन और अपभ्रंश होने के उपरांत कामां से विभूषित किया गया है। अनेको ग्रन्थों में कामवन का उल्लेख किया गया है।
कामवन के चारों दिशाओं में कालका देवी, जशोदा देवी (चामड़), मंशा देवी एवं शीतला माता विराजित हैं। श्रीतीर्थराज विमल कुंड सेवा समिति के गोविंद सिंह गुर्जर ने बताया कि तीर्थो का राजा तीर्थराज विमल कुंड एवं श्राद पक्ष में तर्पण हेतु गया कुंड सहित 84 तीर्थ, 84 खम्बा, 84 मन्दिर, 300 कूप आदि कामवन में विराजित हैं। शुरू करने का आग्रह किया। सांस्कृतिक महत्व में पौराणिक ग्रंथों और ब्रज संस्कृति में इस क्षेत्र को कामवन के नाम से जाना जाता है। नाम बदलने से क्षेत्र की धार्मिक पर्यटन क्षमता और सांस्कृतिक गरिमा को बढ़ावा मिलेगा।
ज्ञापन देने वालों में गोविंद गुर्जर, हनी अरोड़ा, रामवीर कोटिया, प्रकाश चंदयोगी, बाबा गौरक्षक धर्मशरण बृजवासी, जोगी बाबा ओमी महाराज, रजत जी, हरि बोल, अजय पाल जी, मोहन स्वरूप, नन्नू बाबा, भूरा बाबा, गोवर्धन सिंह, श्याम दास, आदि शामिल रहे !

