आजमगढ़ | विशेष रिपोर्ट
आजमगढ़ जनपद में इटौरा–चक्रपाणिपुर मार्ग पर, अकबेलपुर से आगे मुख्य सड़क पर स्थित नहर पुल की बैरिकेडिंग पिछले कई वर्षों से टूटी पड़ी है, लेकिन अब तक न तो संबंधित विभाग और न ही जनप्रतिनिधियों ने इसकी सुध ली है।
यह मार्ग राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपाणिपुर को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण रास्ता है। इसी मार्ग से रोज़ाना एम्बुलेंस, मरीज, छात्र, कर्मचारी और ग्रामीण आवागमन करते हैं, फिर भी सुरक्षा के नाम पर स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
हादसों का इतिहास, फिर भी खामोशी
स्थानीय लोगों का कहना है कि—
“इस नहर पुल पर पहले भी कई बार गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं।
खासकर रात और कोहरे के समय बैरिकेडिंग न होने से वाहन सीधे नहर की ओर बढ़ जाते हैं।”
इसके बावजूद
न कोई स्थायी मरम्मत
न चेतावनी संकेत
न अस्थायी सुरक्षा इंतज़ाम
जिससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे की प्रतीक्षा में है।
न विभाग सक्रिय, न जनप्रतिनिधि
स्थानीय जनता का आरोप है कि
संबंधित लोक निर्माण विभाग / सिंचाई विभाग की उदासीनता
और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी
इस जानलेवा लापरवाही को और बढ़ावा दे रही है।
जनता की स्पष्ट मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि—
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रात्रि दृश्यता के लिए रिफ्लेक्टर व संकेतक बोर्ड लगाए जाएँ
जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाए
ताकि किसी अनहोनी से पहले स्थिति सुधारी जा सके।

