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बहराइच के मेडिकल कॉलेज में तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के लिए कार्यशाला का हुआ आयोजन

तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के लिए कार्यशाला का हुआ आयोजन

अतुल्य भारत चेतना

सूरज कुमार तिवारी

संवाददाता बहराइच

 

बहराइच। 02दिसंबर दिन मंगलवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के सफल संचालन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। सीएमओ डॉ० संजय कुमार की उपस्थिति में मुख्य अतिथि एनटीसीपी कार्यक्रम के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ० मुकेश मातनहेलिया एवं विशिष्ट अतिथि यूपीवीएचए कार्यकारी निदेशक विवेक अवस्थी रहे। कार्यक्रम में जिले के आरबीएसके कार्यक्रम के समस्त चिकित्साधिकारी, तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम, एनपी एनसीडी कार्यक्रम की टीम व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएमओ डॉ० संजय कुमार ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के समस्त स्कूलों को तंबाकू मुक्त करने के साथ नई पीढ़ी को तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्परिणाम और हानि के विषय मे जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने किशोरों व युवाओं को तम्बाकू के लत से बचाने व शैक्षणिक संस्थान को तम्बाकू मुक्त बनाए जाने के उद्देश्य से टॉफी गाइडलाइन जारी की है।

एनटीसीपी कार्यक्रम के स्टेट नोडल डॉ० मुकेश मातनहेलिया ने कहा कि

तंबाकू सेवन के कारण कैंसर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और फेफड़ों की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू न केवल उपभोक्ता को बल्कि उसके परिवार और आसपास के लोगों को भी नुकसान पहुंचाता है जिसे सेकेंड हैंड स्मोक कहा जाता है। उन्होंने बताया कि गुटखा, पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट और खैनी जैसे उत्पाद शरीर के धीरे-धीरे क्षय का कारण बनते हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर 12 से 30 वर्ष की उम्र में युवा तेजी से नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है।

यूपीवीएचए कार्यकारी निदेशक विवेक अवस्थी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा तंबाकू नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों और दंड की घोषणा की गई है। दुकानों में लड़ी लगाकर तंबाकू बेचना अपराध माना गया है जिसके लिए एक रुपये से लेकर दो सौ रुपये तक का आर्थिक दंड भी निर्धारित किया गया है। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध क्षेत्रों की जानकारी देने के लिए साइनेज (संकेतक बोर्ड) लगवाने के आदेश भी दिए गए है। उन्होंने आगे कहा कि कोटपा अधिनियम की धारा 4 के अनुसार, होटल, रेस्तरां, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और शिक्षण संस्थानों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना प्रतिबंधित है। धारा 6 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद बेचना दंडनीय अपराध है। शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर भी प्रतिबंध है।

एनपी एनसीडी के नोडल अधिकारी डॉ० संदीप मिश्रा ने बताया कि तंबाकू सेवन का सबसे अधिक दुष्प्रभाव स्कूली बच्चों एवं युवाओं पर पड़ रहा है। बच्चों और अवयस्कों को तंबाकू सेवन की लत से बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है जिससे आने वाली युवा पीढ़ी को इसकी भयावहता से

बचाया जा सके। कार्यक्रम का संचालन कर रहे एनपीएचसीई के डॉ० पारितोष तिवारी ने कहा कि तंबाकू मुक्त समाज बनाने के लिए हर व्यक्ति को सामूहिक प्रयास एवं सहयोग करने की आवश्यकता है। इसके लिए टोल फ्री नम्बर 1800112356 पर संपर्क कर सकते है। डीईएचआईओ बृजेश सिंह ने बताया कि लोगों को तंबाकू छोड़ने में मदद करने के लिए जिला चिकित्सालय में तम्बाकू उन्मूलन केंद्र स्थापित किए गए है। इस मौके पर एफएलसी विवेक श्रीवास्तव, डीईओ मोहम्मद हारून, शरद श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

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सूरज तिवारी

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