अतुल्य भारत चेतना
वीरेंद्र यादव
रायपुर। मैट्स यूनिवर्सिटी रायपुर में अब स्काउट्स एंड गाइड्स की रोवर रेंजर इकाई का संचालन शुरू होने जा रहा है। यह निर्णय राज्य आयुक्त स्काउट्स गाइड डॉ. सोमनाथ यादव और मैट्स विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. यादव के बीच हुई विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। इस कदम से विश्वविद्यालय के युवा छात्र-छात्राएं स्काउटिंग गतिविधियों में भाग ले सकेंगे, जो उनके व्यक्तित्व विकास और सामाजिक सेवा की भावना को मजबूत करेगा।
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बैठक और निर्णय की पृष्ठभूमि
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्यालय रायपुर में कुलपति प्रोफेसर के.पी. यादव का विशेष आगमन हुआ। इस अवसर पर राज्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव ने उन्हें स्काउटिंग गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में कुलपति जी से विश्वविद्यालय में रोवर रेंजर दल संचालित करने का निवेदन किया गया। कुलपति प्रोफेसर यादव ने इस प्रस्ताव पर तुरंत सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए मैट्स विश्वविद्यालय में रोवर और रेंजर दल के संचालन के लिए पंजीकरण कराया।
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यह पंजीकरण एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विश्वविद्यालय के छात्रों को स्काउटिंग के माध्यम से नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सेवा जैसे गुणों को विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा। राज्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव ने इस अवसर पर कहा, “स्काउटिंग न केवल युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देती है। मैट्स यूनिवर्सिटी के साथ यह सहयोग छत्तीसगढ़ में स्काउटिंग आंदोलन को और मजबूत करेगा।”
कुलपति का योगदान और विश्वविद्यालय की भूमिका
मैट्स विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. यादव ने बैठक के दौरान स्काउटिंग की महत्वपूर्णता पर जोर देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा से छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने बताया, “रोवर रेंजर दल का संचालन हमारे छात्रों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। इससे वे न केवल अपनी क्षमताओं का विकास कर सकेंगे, बल्कि समाज सेवा में भी सक्रिय योगदान दे सकेंगे। हम राज्य स्काउट्स एवं गाइड्स संगठन के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तत्पर हैं।”
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विश्वविद्यालय में रोवर (पुरुष छात्रों के लिए) और रेंजर (महिला छात्राओं के लिए) दल के संचालन से युवा अब विभिन्न गतिविधियों जैसे कैंपिंग, ट्रेकिंग, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और सामाजिक जागरूकता अभियानों में भाग ले सकेंगे। यह पहल मैट्स यूनिवर्सिटी को छत्तीसगढ़ के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक के रूप में और मजबूत स्थिति प्रदान करेगी, जहां शिक्षा के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां भी प्राथमिकता पर हैं।
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स्काउटिंग का महत्व और युवाओं पर प्रभाव
स्काउटिंग आंदोलन विश्व स्तर पर युवाओं के विकास के लिए जाना जाता है। छत्तीसगढ़ में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स संगठन द्वारा विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, और मैट्स यूनिवर्सिटी का जुड़ना इस आंदोलन को नई गति प्रदान करेगा। राज्य मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि पंजीकरण के बाद जल्द ही विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण सत्र और गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इससे न केवल छात्रों को प्रमाणपत्र प्राप्त होंगे, बल्कि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्काउटिंग कार्यक्रमों में भी भाग ले सकेंगे। एक स्थानीय छात्र ने इस विकास पर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “स्काउटिंग हमें किताबी ज्ञान से आगे ले जाती है। अब मैट्स यूनिवर्सिटी में यह अवसर मिलने से हम अधिक सक्रिय और जिम्मेदार बन सकेंगे।”

