फिर भोगेंगे मोहल्ले वासी नरक की त्रासदी
अतुल्य भारत चेतना
प्रमोद कश्यप
रतनपुर। ऐतिहासिक नगरी रतनपुर का सबसे बड़ा मोहल्ला करैहापारा हमेशा से विकट समस्याओं से जुझते रहा है, यहां अनेकों समस्याएं हैं किसी भी समस्याओं का निराकरण समुचित ढंग से नहीं हो पा रहा है यहां के जनप्रतिनिधियों के साथ मोहल्ला वासी भी नींद से जाग नहीं पा रहे हैं, जिससे नगर पालिका रतनपुर भी इसकी सुधि नहीं ले रही है। ठेका होने के बाद भी काम नहीं हो पा रहा है। ऐसे ही मोहल्ले के बेदपारा जो कि घनी आबादी का क्षेत्र है यहां नाली निर्माण का काम ठेका होकर इस बार भी लटक गया। मानसून आने में महिने भर का समय शेष है।

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संपूर्ण करैहापारा के नाली का गंदा पानी इस ओर आती है जो ऐतिहासिक बेद तालाब में जाकर मिलती है पुराना नाली सकरा एवं उथला होने के कारण गंदा पानी रोड में आ जाता है जिससे मोहल्ले वासियों को नर्क में जीना पड़ता है। मोहल्ले के ऊपरी भाग में नाली का चौड़ीकरण हो चुका है इसलिए और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नदी का पानी नाला में गिरने से बाढ़ आ जाता है। इस ओर न तो जनप्रतिनिधियों का ध्यान है, न ही नगर पालिका के अधिकारियों का। 10- 12 हजार जनसंख्या वाले इस मोहल्ले में अलग से एक हाईस्कूल भवन नहीं है।

हाई स्कूल भवन के लिए शासन से राशि भी स्वीकृत हुआ है पर इसके लिए उपयुक्त जगह होने के बाद भी जनप्रतिनिधि आगे की कार्यवाही नहीं कर पा रहे हैं। 6-7 माह बाद नगरी निकाय का चुनाव होना है इस स्थिति में यह काम भी नहीं हो पायेगा। और भी कई ऐसे बड़े छोटे काम है जिसका होना आवश्यक था मगर कोई काम नहीं हो पा रहा है आखिर जनता दोष किसे दे। जनप्रतिनिधियों को या फिर स्वयं को।
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