सिविल लाइन पुलिस की बड़ी सफलता, ऑपरेशन त्रिनेत्रम के सीसीटीवी ने खोला राज
हत्या को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश नाकाम – चार आरोपी गिरफ्तार
अतुल्य भारत चेतना (राजेन्द्र श्रीवास)
देवास। देवास जिले की सिविल लाइन पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर एक सनसनीखेज अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में मृतक की पत्नी ही मुख्य साजिशकर्ता निकली, जिसने अपने प्रेमी और उसके दो साथियों के साथ मिलकर पति की निर्मम हत्या की और उसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। पुलिस की त्वरित, तकनीकी और सटीक विवेचना से यह जघन्य अपराध उजागर हुआ।
घटना का विवरण
8-9 जनवरी की दरमियानी रात सिविल लाइन पुलिस को सूचना मिली कि नौशराबाद बायपास स्थित पशु हाट के पास उज्जैन-देवास बायपास मेन रोड पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव सड़क पर पड़ा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक हितेश पाटिल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया। शव की पहचान राकेश पिता देवीसिंह मालवीय (42 वर्ष), निवासी साईंनाथ कॉलोनी, देवास के रूप में हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में संदिग्ध परिस्थितियों की पुष्टि होने पर मर्ग जांच से धारा 103(1) BNS के तहत हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

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पुलिस की विशेष टीम और ऑपरेशन त्रिनेत्रम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोत के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) जयवीर सिंह भदौरिया के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन में विशेष जांच टीम गठित की गई।
टीम ने तकनीकी साक्ष्य, भौतिक साक्ष्य और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए घटनास्थल के आसपास लगे ऑपरेशन त्रिनेत्रम के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में वारदात के बाद आरोपियों का भागना कैद हो गया। इन्हीं फुटेज और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी से सख्त पूछताछ की, जहां उसने अपना जुर्म कबूल लिया।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए:
- मृतक की पत्नी और मुख्य आरोपी देवेन्द्र यादव दोनों इंदौर में एक क्लेम एक्सपर्ट वकील के यहां कार्य करते थे। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।
- पति को रास्ते से हटाकर हत्या को एक्सीडेंट दिखाकर बीमा क्लेम लेने की साजिश रची गई।
- इस योजना में देवेन्द्र ने अपने मित्र संजय उर्फ संजू (पूर्व में शुजालपुर सिटी अस्पताल की मरचुरी में कार्यरत) और उसके भतीजे मनीष उर्फ रोहित को पैसों का लालच देकर शामिल किया।
हत्या का क्रूर अंजाम
8 जनवरी को सभी आरोपी इंदौर से देवास पहुंचे। मृतक की पत्नी ने पति को बीयर में नींद की गोली मिलाकर पिला दी। पति के सो जाने के बाद देवेन्द्र और संजय घर में घुसकर ऑपरेशन में उपयोग होने वाली ब्लेड से गला काटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद पत्नी ने खून से सने कपड़े धोकर सबूत मिटाने की कोशिश की। इसके बाद देवेंद्र व संजय ने शव को मृतक की मोटरसाइकिल के बीच में रखकर नौशराबाद बायपास ले गए। तीसरे आरोपी को कार से बुलाया और तीनों ने शव को सड़क पर फेंक दिया। हादसे का रूप देने के लिए मोटरसाइकिल में तोड़फोड़ की गई।
चारों आरोपी सलाखों के पीछे
सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया:
- देवेन्द्र यादव (26 वर्ष), पिता हटेसिंह यादव, निवासी ग्राम नलखेड़ा, थाना मधुसूदनगढ़, जिला गुना (हाल निवासी लुनियापुरा, थाना रावजी बाजार, इंदौर)
- संजय उर्फ संजू (25 वर्ष), पिता धूलजी, निवासी ग्राम भेसाना, थाना बोड़ा, जिला राजगढ़ (हाल निवासी कृष्णबाग कॉलोनी, थाना खजराना, इंदौर)
- मनीष उर्फ रोहित (21 वर्ष), पिता हरीसिंह वाल्मिकी, निवासी ग्राम भेसाना, थाना बोड़ा, जिला राजगढ़ (हाल निवासी भूरी टेकरी, थाना कनाडिया, इंदौर)
- मृतक की पत्नी
सभी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सराहनीय पुलिस टीम
इस सफल जांच में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक हितेश पाटिल, उनि पर्वत सिंह परिहार, सउनि राकेश तिवारी, संध्या पांडे, प्रआर पवन पटेल, घनश्याम अर्जने, मप्रआर प्रीति मालवीय, आर अरुण चावड़ा, हितेश कुशवाह, मातादीन, जितेन्द्र सिसौदिया एवं सायबर सेल टीम में प्रआर सचिन चौहान, शिवप्रताप सिंह सेंगर की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की यह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई न केवल एक जघन्य अपराध का खुलासा करने में सफल रही, बल्कि यह संदेश भी दिया कि अपराध चाहे जितना शातिराना क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ उससे कहीं अधिक तेज और मजबूत हैं।

