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कौशल, उद्यमिता एवं स्वरोजगार को नई दिशा: TPSDM 2.0, CESD एवं प्री-रूरल इन्क्यूबेशन सेंटर का भव्य शुभारंभ

*कौशल, उद्यमिता एवं स्वरोजगार को नई दिशा: TPSDM 2.0, CESD एवं प्री-रूरल इन्क्यूबेशन सेंटर का भव्य शुभारंभ* 

*पौंटा साहिब।*

द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी, पौंटा साहिब द्वारा मंगलवार को कौशल विकास, उद्यमिता एवं स्वरोजगार को समर्पित एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर TPSDM 2.0, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्री-रूरल इन्क्यूबेशन सेंटर तथा सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्किल डेवलपमेंट (CESD) का विधिवत उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री हर्षवर्धन सिंह चौहान, उद्योग मंत्री, संसदीय कार्य मंत्री एवं श्रम एवं रोजगार मंत्री, हिमाचल प्रदेश सरकार रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर सभी केंद्रों का शुभारंभ किया।

अपने संबोधन में माननीय मंत्री श्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के लिए पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण, उद्यमिता एवं नवाचार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि TPSDM 2.0 और CESD जैसे केंद्र युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि प्री-रूरल इन्क्यूबेशन सेंटर ग्रामीण युवाओं को स्थानीय उत्पादों, स्टार्टअप, नवाचार एवं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मंत्री श्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें आत्मनिर्भर भारत एवं विकसित हिमाचल के संकल्प को साकार करने में सहायक सिद्ध होंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार भविष्य में भी ऐसे नवाचारपूर्ण प्रयासों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के रीजनल हेड श्री जितेंद्र शर्मा ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने कहा कि कौशल विकास तभी प्रभावी होगा जब प्रशिक्षण को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ा जाएगा। उन्होंने उद्योग-संस्थान सहयोग, अप्रेंटिसशिप, प्लेसमेंट-लिंक्ड ट्रेनिंग तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम पर विस्तार से प्रकाश डाला और द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी के मॉडल को अनुकरणीय बताया।

कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मेधावी स्किल्स यूनिवर्सिटी के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस MOU के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता मार्गदर्शन, नवाचार आधारित शिक्षा, स्टार्टअप सपोर्ट एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों से जोड़ा जाएगा, जिससे शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सेतु स्थापित होगा।

इसके अतिरिक्त TPSDM (The Planet Skill Development Mission) एवं समाधान समिति (Samadhan Samiti) के बीच भी एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) संपन्न हुआ। इस समझौते के तहत ग्रामीण, वंचित एवं पिछड़े वर्गों के युवाओं, महिलाओं एवं स्वरोजगार इच्छुक व्यक्तियों को कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता विकास, सामाजिक जागरूकता एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत की गई पहाड़ी लोकसंस्कृति आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। पारंपरिक पहाड़ी नाटी, लोकगीत, भांगड़ा एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को जीवंत एवं स्मरणीय बना दिया।

समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने कौशल प्रशिक्षण, प्लेसमेंट एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। साथ ही द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी के कर्मचारियों को उनके समर्पण, अनुशासन एवं उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अनिल शर्मा ने सभी अतिथियों, विशिष्टजनों, प्रशिक्षण भागीदारों, उद्योग प्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने बताया कि TPSDM 2.0, प्री-रूरल इन्क्यूबेशन सेंटर एवं CESD का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कौशल, उद्यमिता, नवाचार एवं स्वरोजगार से जोड़ना है।

डॉ. अनिल शर्मा ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इन केंद्रों द्वारा उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाकर प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण, कौशल विकास एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ किया गया। यह आयोजन हिमाचल प्रदेश में कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति एवं ग्रामीण नवाचार की दिशा में एक मजबूत और दूरगामी पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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रॉबिन शर्मा

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