*आने वाले साल 2026 की जश्न में “शराब की नहीं अपने दिल की सुनें,” *
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*संवाददाता जितेन्द्र कुमार
अतुल्य भारत चेतना न्यूज़, जयपुर राजस्थान*
हर साल की तरह इस साल भी जाम –से– जाम टकरायेंगे। लेकिन जरा ठहरिए ! बोतल खोलने से पहले इनकी तो सुन लीजिए। ये कोई और नहीं,अपने बॉडी पार्ट है हार्ट, लीवर, ब्रेन, जो आपसे अपना दर्द बता रहा है –
शराब पीने ब्रेन मेमोरी क्रैश हो जाता है,शराब स्ट्रेस घटाता नहीं है बढ़ा देता है ।
लीवर को शराब पसंद नहीं है, पाचन तंत्र को कमजोर कर देता है।
हार्ट को प्यार चाहिए न कि शराब वरना ये भी शराब के चक्कर में आपसे ब्रेकअप कर लेगा हमेशा के लिए ,और आपको हमेशा हमेशा के लिए ब्लॉक कर देगा।
यानी,हमारे शरीर के लगभग सभी अंग शराब से प्रभावित होते हैं। 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए, प्रतिदिन एक या दो सर्विंग शराब का सेवन भी कुछ प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है, और वर्षों तक अत्यधिक शराब पीने से लगभग हर अंग को अपरिवर्तनीय क्षति पहुँच सकती है। शराब मस्तिष्क के विकास को भी प्रभावित कर सकती है। सौभाग्य से, शराब के दुरुपयोग से होने वाली बीमारियों को शराब का सेवन कम करके—या इससे भी बेहतर—पूरी तरह बंद करके—रोका जा सकता है।
अत्यधिक शराब का सेवन – चाहे एक बार में हो या लंबे समय तक – आपके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। शराब के सेवन से पूरा शरीर प्रभावित होता है – न केवल यकृत, बल्कि मस्तिष्क, आंत, अग्न्याशय, फेफड़े, हृदय प्रणाली, प्रतिरक्षा प्रणाली और अन्य अंग भी प्रभावित होते हैं।
वर्तमान शोध से पता चलता है कि किसी भी प्रकार के पेय पदार्थ के सेवन से कम मात्रा में भी शराब पीने से स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। शराब आपके शरीर को कैसे प्रभावित कर सकती है,यह हमें अच्छी तरह से पता है, फिर भी लत के आगे कुछ नहीं चलता है।

