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विदेशी सपनों की कीमत: स्टडी वीजा के नाम पर ठगी, कहीं युद्ध में मौत तो कहीं लाखों की लूट

स्टडी वीजा पर विदेश जाकर बेहतर भविष्य बनाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह सपना कई बार जानलेवा साबित हो रहा है। शक्तिफार्म निवासी 30 वर्षीय राकेश कुमार इसका सबसे दर्दनाक उदाहरण है। पढ़ाई के इरादे से रूस गया राकेश, वहां पढ़ाई की जगह बंदूक थमाकर युद्ध के मैदान में उतार दिया गया, जहां उसकी असमय मौत हो गई।

राकेश की मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है, लेकिन इससे भी चिंताजनक सच्चाई यह है कि ऊधमसिंह नगर जिले में विदेश भेजने के नाम पर ठगी का संगठित नेटवर्क लगातार सक्रिय है। दो साल में ही 40 से अधिक ठगी के मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

कबूतरबाजों का जाल, सपनों की लूट

जिले में सक्रिय कबूतरबाज युवाओं और उनके परिजनों को कनाडा, इंग्लैंड जैसे देशों में पढ़ाई का सपना दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ रहे हैं। न वीजा मिलता है, न पैसा वापस होता है। कई मामलों में फर्जी दस्तावेज थमाकर भविष्य तबाह कर दिया गया।

कुछ प्रमुख मामले

केस-1: कनाडा जाने का सपना, 11 लाख की ठगी

गदरपुर क्षेत्र के कुआंखेड़ा निवासी गीता रानी वर्ष 2024 में कनाडा उच्च शिक्षा के लिए जाना चाहती थीं। गदरपुर निवासी एक व्यक्ति ने स्टडी वीजा दिलाने का भरोसा दिलाकर 11 लाख रुपये ले लिए, लेकिन महीनों बाद भी वीजा नहीं मिला और रकम भी नहीं लौटाई गई।

केस-2: इंग्लैंड भेजने के नाम पर 27 लाख से ज्यादा की ठगी

सितारगंज के ग्राम पिपलिया निवासी गुरप्रीत सिंह और मनवीर सिंह अगस्त 2023 में इंग्लैंड जाना चाहते थे। यूपी के रामपुर निवासी गुरमुख सिंह ने उनसे क्रमशः 17.80 लाख और 9.30 लाख रुपये ले लिए। बाद में आंशिक रकम लौटाई गई, लेकिन 9.85 लाख रुपये आज तक नहीं मिले।

केस-3: बेटे को इंग्लैंड भेजने का झांसा

गदरपुर के ग्राम खुशालपुर सकैनिया निवासी बचन सिंह से बिलासपुर के दो लोगों ने इंग्लैंड भेजने के नाम पर 16 लाख रुपये मांगे। दो किस्तों में रकम लेने के बावजूद न बेटा विदेश गया और न ही पैसा वापस मिला।

केस-4: फर्जी दस्तावेज देकर भविष्य तबाह

ग्राम भमरौला निवासी कमल देव तिवारी ने अपने बेटे अभिषेक को कनाडा भेजने के लिए वर्ष 2021 में 19 लाख रुपये दिए। बदले में फर्जी दस्तावेज मिले और अभिषेक का विदेश जाने का सपना टूट गया।

पुलिस का सख्त रुख

लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस ने कबूतरबाजों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है।

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने स्पष्ट कहा—

“विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जिन मामलों में एफआईआर दर्ज है, उनकी गहन जांच होगी। पीड़ितों का पैसा वापस कराया जाएगा और कबूतरबाजों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।”

चेतावनी और सबक

यह घटनाएं साफ संकेत देती हैं कि बिना सत्यापन, बिना लाइसेंस और बिना सरकारी मान्यता के एजेंटों पर भरोसा करना न सिर्फ आर्थिक नुकसान बल्कि जान का खतरा भी बन सकता है।

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उपेन्द्र सिंह

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