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*कामां को कामवन बनाने के लिए खंडेलवाल समाज ने मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन* स्थानीय खंडेलवाल वैश्य समाज ने बुधवार को उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखण्ड अधिकारी सुभाष यादव को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम कामां को कामवन बनाने का ज्ञापन सुपुर्द किया तो वही उपखंड कार्यालय पर आंशिक प्रदर्शन भी किया। । खंडेलवाल समाज के अध्यक्ष गिरधारीलाल खंडेलवाल ने बताया कि बुधवार को उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को एक ज्ञापन देकर कामवन नाम अतिशीघ्र करने की मांग की है। कामवन धाम है यही पहचान है का नारा बुलंद किया। इस अवसर पर कैलाश लोहिया ने कहा कि कामां को पौराणिक शास्त्रों में आदि वृंदावन *कामवन* के नाम से पढ़ा व जाना जाता है। यह बृज क्षेत्र का मूलाधार है। भगवान श्री कृष्ण की क्रीड़ा स्थली इसे यूं ही नहीं कहा जाता है यहां पर श्री चंद्रमा जी, श्री मदन मोहन जी, श्री विमल कुंड, श्री कामेश्वर महादेव,श्री वृंदा देवी मंदिर,भोजन थाली ऐसे सैकड़ो तीर्थ स्थान दर्शनीय ही नहीं बल्कि देश-विदेश के भक्तों का पर्यटन का मन मोह लेते हैं। दिन प्रतिदिन पर्यटकों का आवागमन बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ज्ञापन में कहा कि बृज चौरासी कोस यात्रा का सबसे अधिक पांच दिनों का पड़ाव स्थल कामवन धाम है। जहां यात्री मंदिर मनोरथों के दर्शनों का लाभ प्राप्त कर अपने आप को धन्य समझते हैं। सरकार को चाहिए कि ग्रन्थों-पुराणों से बृज चौरासी महात्म का अध्ययन करावे। आमजन की मांग को ध्यान में रखते हुए कामां का प्राचीन नाम *कामवन* अविलंब घोषित किया जाए सरकार में बैठे मंत्रिमंडल सदस्य कामां के इतिहास से भली-भांति परिचित है। इस अवसर पर गिरधारी खण्डेलवाल, खेमराज खंडेलवाल, हरी कुम्हेरिया, उत्तम चन्द, गुलाब खंडेलवाल, घनश्याम खंडेलवाल, विपिन खंडेलवाल,राहुल,दाऊदयाल हरप्रसाद नाटाणी, मोनू नाटाणी, पिंकी शंभू दयाल आदि उपस्थित रहे। *व्यापार महासंघ देगा गुरुवार को ज्ञापन* व्यापार महासंघ काम के महामंत्री रमेश मंगला ने बताया कि गुरुवार को कामां को कामवन बनाने का ज्ञापन व्यापार महासंघ के अध्यक्ष कमल अरोड़ा के नेतृत्व में दिया।

कामां को कामवन बनाने के लिए खंडेलवाल समाज ने मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता भरतपुर

कामां –   स्थानीय खंडेलवाल वैश्य समाज ने बुधवार को उपखंड कार्यालय पहुंचकर उपखण्ड अधिकारी सुभाष यादव को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम कामां को कामवन बनाने का ज्ञापन सुपुर्द किया तो वही उपखंड कार्यालय पर आंशिक प्रदर्शन भी किया। । 

    खंडेलवाल समाज के अध्यक्ष गिरधारीलाल खंडेलवाल ने बताया कि बुधवार को उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को एक ज्ञापन देकर कामवन नाम अतिशीघ्र करने की मांग की है। कामवन धाम है यही पहचान है का नारा बुलंद किया। इस अवसर पर कैलाश लोहिया ने कहा कि कामां को पौराणिक शास्त्रों में आदि वृंदावन *कामवन* के नाम से पढ़ा व जाना जाता है। यह बृज क्षेत्र का मूलाधार है। भगवान श्री कृष्ण की क्रीड़ा स्थली इसे यूं ही नहीं कहा जाता है यहां पर श्री चंद्रमा जी, श्री मदन मोहन जी, श्री विमल कुंड, श्री कामेश्वर महादेव,श्री वृंदा देवी मंदिर,भोजन थाली ऐसे सैकड़ो तीर्थ स्थान दर्शनीय ही नहीं बल्कि देश-विदेश के भक्तों का पर्यटन का मन मोह लेते हैं। दिन प्रतिदिन पर्यटकों का आवागमन बहुत तेजी से बढ़ रहा है।

  ज्ञापन में कहा कि बृज चौरासी कोस यात्रा का सबसे अधिक पांच दिनों का पड़ाव स्थल कामवन धाम है। जहां यात्री मंदिर मनोरथों के दर्शनों का लाभ प्राप्त कर अपने आप को धन्य समझते हैं। 

  सरकार को चाहिए कि ग्रन्थों-पुराणों से बृज चौरासी महात्म का अध्ययन करावे। आमजन की मांग को ध्यान में रखते हुए कामां का प्राचीन नाम *कामवन* अविलंब घोषित किया जाए सरकार में बैठे मंत्रिमंडल सदस्य कामां के इतिहास से भली-भांति परिचित है। इस अवसर पर गिरधारी खण्डेलवाल, खेमराज खंडेलवाल, हरी कुम्हेरिया, उत्तम चन्द, गुलाब खंडेलवाल, घनश्याम खंडेलवाल, विपिन खंडेलवाल,राहुल,दाऊदयाल हरप्रसाद नाटाणी, मोनू नाटाणी, पिंकी शंभू दयाल आदि उपस्थित रहे। 

*व्यापार महासंघ देगा गुरुवार को ज्ञापन* व्यापार महासंघ काम के महामंत्री रमेश मंगला ने बताया कि गुरुवार को कामां को कामवन बनाने का ज्ञापन व्यापार महासंघ के अध्यक्ष कमल अरोड़ा के नेतृत्व में दिया।

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मनमोहन गुप्ता

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