शहडोल। जिले में पुलिस की छवि सुधारने और जनता के प्रति जवाबदेही मजबूत करने के लिए शहडोल पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने कड़ा रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसपी ने कोतवाली में पदस्थ आरक्षक आलोक मिंज और आरक्षक पप्पू यादव को ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता और आम नागरिकों से दुर्व्यवहार के आरोप में तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों आरक्षकों के खिलाफ कई बार शिकायतें सामने आई थीं, जिनमें कहा गया था कि वे आम लोगों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे। इन शिकायतों की पुष्टि होते ही एसपी ने बिना देर किए कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन अटैच करने के बजाय सीधे निलंबित कर दिया।
एसपी रामजी श्रीवास्तव का कहना है कि—
“पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य जनता की सेवा और सुरक्षा है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा दुराचार या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग में अनुशासन सर्वोच्च है।”
इस सख्त कदम के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई आने वाले दिनों में अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए भी चेतावनी साबित होगी। वहीं, आम जनता ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे पुलिस-जनता संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
शहडोल पुलिस की इस तेजी भरी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब शिकायतों को हल्के में नहीं लिया जाएगा और अनुशासनहीनता पर तुरंत सख्ती होगी।

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