अतुल्य भारत चेतना
डॉ. मीरा पराड़कर
छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश के 313 विकासखंडों के 1565 सेक्टरों में पांच दिवसीय नवांकुर सखी हरियाली कलश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में छिंदवाड़ा जिले के सिवनी प्राण मोती ग्राम पंचायत में 1 अगस्त 2025 को नवांकुर सखी हरियाली कलश यात्रा निकाली गई। इस आयोजन में नवांकुर सखियों को फलदार और औषधीय पौधों का वितरण किया गया, साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी आयोजित की गई। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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हरियाली कलश यात्रा का आयोजन
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में सिवनी प्राण मोती के मंदिर प्रांगण से नवांकुर सखी हरियाली कलश यात्रा शुरू हुई। यह यात्रा संपूर्ण ग्राम से होती हुई पुनः मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, बच्चे, और नवांकुर सखी शामिल रहीं। आयोजन का नेतृत्व नवांकुर संस्था बहुउद्देशीय शैक्षणिक विकास समिति ने किया, जिसमें समिति के अध्यक्ष विनोद तिवारी, परामर्शदाता डॉ. लता नागले, परामर्शदाता श्रीमती तृप्ति सिंह, समाजसेवी आशीष साहू, अजय ठाकुर, रघुबीर सिंह तोमर, और एमएसडब्ल्यू छात्रा रितु बोपचे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पौधा वितरण और संगोष्ठी
यात्रा के समापन के बाद, नवांकुर सखियों को नवांकुर संस्था और जन अभियान परिषद द्वारा तैयार नर्सरी से फलदार और औषधीय पौधे भेंट किए गए। इन पौधों में नीम, आम, जामुन, और तुलसी जैसे पौधे शामिल थे, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ औषधीय महत्व भी रखते हैं। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।

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जिला समन्वयक अखिलेश जैन ने उपस्थित लोगों को औषधीय पौधों की जानकारी दी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “पौधे न केवल हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि मिट्टी के कटाव को रोकने, जल संरक्षण, और जैव विविधता को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमें इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी लेनी होगी।”
नवांकुर सखी कार्यक्रम की जानकारी
नवांकुर संस्था बहुउद्देशीय शैक्षणिक विकास समिति के अध्यक्ष विनोद तिवारी ने नवांकुर सखी कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर यह यात्रा आयोजित की जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत नवांकुर सखियों को बीज रोपित थैलियां वितरित की जा रही हैं, जिन्हें वे अपने घरों में सुरक्षित रखेंगी और पौधों के बड़े होने तक उनकी देखभाल करेंगी। ये पौधे गांव में जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, पुण्य तिथि, या अन्य सामाजिक अवसरों पर सुरक्षित स्थानों पर रोपे जाएंगे। तिवारी ने कहा, “हमारी नर्सरी से तैयार पौधे निःशुल्क वितरित किए जा रहे हैं, ताकि हमारा गांव हरा-भरा हो और पर्यावरण संरक्षित रहे।”

पर्यावरण संरक्षण पर जोर
परामर्शदाता डॉ. लता नागले ने पर्यावरण संरक्षण की महत्ता पर जोर देते हुए कहा, “आज पर्यावरण को प्रदूषण से बचाना अत्यंत आवश्यक है। अधिक से अधिक पौधरोपण और उनकी देखभाल से ही हम अपने पर्यावरण को स्वच्छ और स्वस्थ रख सकते हैं।” उन्होंने उपस्थित महिलाओं और बच्चों को औषधीय पौधों के गुणों की जानकारी दी, जैसे नीम के जीवाणुरोधी गुण और तुलसी के स्वास्थ्य लाभ।
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परामर्शदाता तृप्ति सिंह ने सभी को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई, जिसमें उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपने घरों और गांव के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे और उनकी देखभाल करेंगे। उन्होंने कहा, “पौधे लगाने से न केवल हमारा गांव हरा-भरा रहेगा, बल्कि हमें शुद्ध ऑक्सीजन भी मिलेगी, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।”

उपस्थित लोग और योगदान
कार्यक्रम में नवांकुर सखी चित्रलेखा बंदेवार, बबिता बंदेवार, बबिता चौरे, उर्मिला टेकडे, रश्मि उसरेठे, अनिता बंदेवार, राजकुमारी, प्रमिला, श्रीमती मालवी, आशा उसरेठे, आराधना, पुष्पा, चमेली कुमरे, सरोज, हरीवती, विनिता मालवी सहित कई अन्य ग्रामीण महिलाएं और बच्चे शामिल थे। इन सभी ने उत्साहपूर्वक यात्रा में भाग लिया और पौधरोपण के संकल्प को अपनाया। समाजसेवी आशीष साहू, अजय ठाकुर, और रघुबीर सिंह तोमर ने भी आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
पर्यावरण संरक्षण का व्यापक परिदृश्य
यह आयोजन मध्यप्रदेश में चल रहे अंकुर अभियान और हरियाली महोत्सव जैसे प्रयासों का हिस्सा है, जो पर्यावरण जागरूकता और पौधरोपण को बढ़ावा दे रहे हैं। मध्यप्रदेश में जन अभियान परिषद ने सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से वन संरक्षण और हरियाली को बढ़ाने के लिए कई पहल की हैं। उदाहरण के लिए, बैतूल, हरदा, और खंडवा जिलों में आदिवासी समुदायों द्वारा हरियाली अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें फलदार पौधों के रोपण से कुपोषण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम किया जा रहा है।
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समापन और प्रभाव
नवांकुर सखी हरियाली कलश यात्रा सिवनी प्राण मोती में पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक जागरूकता की दिशा में एक प्रेरणादायक आयोजन रहा। इस कार्यक्रम ने न केवल ग्रामीण महिलाओं और बच्चों में पौधरोपण के प्रति उत्साह जगाया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के महत्व को भी रेखांकित किया। नवांकुर सखियों को पौधों का वितरण और शपथ ने गांव को हरा-भरा बनाने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया। यह आयोजन मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद और नवांकुर संस्था के प्रयासों को दर्शाता है, जो सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।

