Breaking
Mon. Jan 12th, 2026

Chattisgarh news; सरस्वती शिशु मंदिर तेंदुकोना में 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: उल्लास और स्वास्थ्य के साथ योग का उत्सव

अतुल्य भारत चेतना
पतित यादव

तेंदुकोना। 21 जून 2025 को सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तेंदुकोना में 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” थीम के तहत उल्लासमय वातावरण में मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, और स्थानीय समुदाय की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई। योग सत्र में विभिन्न आसन, सूर्य नमस्कार, और प्राणायाम का अभ्यास किया गया, जिसने सभी को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।

योग सत्र और मार्गदर्शन

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्राचार्य दशरी साहू के स्वागत उद्बोधन और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाओं के साथ हुई। योग सत्र का संचालन विद्यालय के प्रशिक्षित शिक्षकों ने किया। लोमश सोनी ने व्यायाम और स्फूर्ति योग का अभ्यास कराया, ऋचा यादव ने सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राओं का प्रदर्शन किया, और युवराज निर्मलकर ने प्राणायाम की तकनीकों का प्रशिक्षण देते हुए इसके शारीरिक और मानसिक लाभों पर प्रकाश डाला।

इसे भी पढ़ें: लोन, फाइनेंस, इंश्योरेंस और शेयर ट्रेडिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

प्रतिभागियों को योग के महत्व को समझाते हुए वक्ताओं ने बताया कि नियमित योग अभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति, और एकाग्रता में वृद्धि होती है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के वैश्विक महत्व पर भी चर्चा की, जो भारत की सांस्कृतिक धरोहर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित इस दिन की उपलब्धि को रेखांकित करता है।

प्राचार्य का संदेश

प्राचार्य दशरी साहू ने अपने संबोधन में कहा, “योग न केवल शारीरिक व्यायाम है, बल्कि यह जीवन को संतुलित और अनुशासित बनाने का मार्ग है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हमें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा देता है।” उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, और अभिभावकों को योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

समापन और सामुदायिक भागीदारी

कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ गायन के साथ हुआ, जिसने सभी में राष्ट्रीय भावना और एकता का संचार किया। समापन के बाद सभी प्रतिभागियों के लिए चाय और बिस्किट की व्यवस्था की गई, जिसने सामुदायिक एकजुटता को और मजबूत किया। इस अवसर पर विद्यालय के भैया-बहन, अभिभावक, और शिक्षकगण विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपस्थित शिक्षकों और कर्मचारियों में दशरी साहू, राजेश्वरी साहू, युवराज निर्मलकर, ऋचा यादव, विनीता निर्मलकर, पुष्पा सोनी, तुकेश्वर साहू, लकेश्वर साहू, हेम प्रकाश साहू, खुमेश्वर साहू, लोमश सोनी, खिलेश दीवान, प्रीति साहू, सावित्री साहू, गुलेश दीवान, लखन महानंद, मोनिका दीवान, प्रेमशिला ठाकुर, कुलेश्वर चक्रधारी, और चांद पटेल शामिल थे। उनकी सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक प्रभावी बनाया।

सामुदायिक और सांस्कृतिक महत्व

तेंदुकोना के सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित यह योग दिवस समारोह न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक था, बल्कि सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का भी अवसर बना। विद्यालय के परिसर में बच्चों, अभिभावकों, और शिक्षकों का एक साथ योगाभ्यास करना स्थानीय समुदाय के लिए एक प्रेरणादायक दृश्य था। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक धरोहर और योग की वैश्विक अपील को रेखांकित करता है, जिसे 177 देशों ने संयुक्त राष्ट्र में समर्थन देकर 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी थी।

इसे भी पढ़ें: कम बजट में मिलने वाली कारें, उनके महत्वपूर्ण फीचर्स एवं कंपनी से जुड़ी जानकारी

11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सरस्वती शिशु मंदिर, तेंदुकोना में एक उत्साहपूर्ण और स्मरणीय आयोजन रहा। योग सत्र, प्रेरक संबोधन, और सामुदायिक भागीदारी ने इस दिन को स्वास्थ्य, एकता, और सांस्कृतिक गौरव का उत्सव बनाया। सभी प्रतिभागियों ने “करें योग, रहें नीरोग” के संदेश को अपनाते हुए योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन तेंदुकोना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जो स्थानीय समुदाय को स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली की ओर प्रेरित करता है।

Author Photo

News Desk

Responsive Ad Your Ad Alt Text
Responsive Ad Your Ad Alt Text

Related Post

Responsive Ad Your Ad Alt Text