अतुल्य भारत चेतना
अखिल सुर्यवंशी
छिंदवाड़ा। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत छिंदवाड़ा जिले के ग्राम उभेगांव में शनिवार को मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद ने जल स्रोतों के संरक्षण और स्वच्छता के लिए एक व्यापक अभियान चलाया। कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के निर्देशन और जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, नवांकुर संस्थाओं, प्रस्फुरण समितियों और बीएसडब्ल्यू-एमएसडब्ल्यू छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इसे भी पढ़ें (Read Also): पुलिस भर्ती परीक्षा केन्द्रों का डीएम व एसपी ने निरीक्षण
जल स्रोतों की सफाई और श्रमदान
उभेगांव के सेक्टर नंबर 4 में जन अभियान परिषद की टीम ने तालाबों और झिरियों के आसपास जल स्वच्छता अभियान चलाया। इस अभियान में परामर्शदाता विनोद तिवारी (राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त समाजसेवी), लता नागले, तृप्ति सिंह, जय प्रकाश सूर्यवंशी, आशीष साहू, नवांकुर संस्था सिद्धि विनायक नगर विकास समिति के अध्यक्ष महेश बंदेवार, समाजसेवी डॉ. एन.के. सोमकुंवर, प्रस्फुरण समिति के आनंद साहू, शेषकुमार डेहरिया, पप्पू बंदेवार, रंजीत इंगले, और बीएसडब्ल्यू-एमएसडब्ल्यू छात्रों नरेंद्र, शिवांगी वानखेड़े, किरण बनवारी, श्रद्धा गुप्ता, प्रीति धुर्वे सहित अन्य ने श्रमदान किया। ग्रामीणों के साथ मिलकर तालाबों और जल स्रोतों से कचरा, पॉलीथिन और गाद हटाकर स्वच्छता सुनिश्चित की गई।

इसे भी पढ़ें: शेयर ट्रेडिंग (Share Trading) से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी!
घर-घर दस्तक, जल संरक्षण का संदेश
अभियान के दौरान जन अभियान परिषद की टीम ने उभेगांव में घर-घर जाकर ग्रामीणों को जल संरक्षण की महत्ता बताई। टीम ने जल की उपयोगिता, इसके संरक्षण के तरीके और वर्षा जल संचयन की आवश्यकता पर जोर दिया। ग्रामीणों को स्टॉप डैम और वाटर हार्वेस्टर जैसे उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, सभी से जल संरक्षण का संकल्प दिलाया गया, ताकि जल स्रोतों का दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
नवांकुर संस्था और प्रस्फुरण समिति की भूमिका
नवांकुर संस्था सिद्धि विनायक नगर विकास समिति के अध्यक्ष महेश बंदेवार ने ग्रामीणों को कुओं, बावड़ियों, नदियों और नालों की नियमित सफाई के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जल संरक्षण को सामुदायिक प्रयास का हिस्सा बनाने पर बल दिया। प्रस्फुरण समिति के सदस्यों ने भी जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए ग्रामीणों के साथ मिलकर कार्य किया।

इसे भी पढ़ें: हम तेरे सपनों का हिन्दुस्तान बनाना भूल गए!
जिला समन्वयक का बयान
जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक अखिलेश जैन ने कहा, “जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत छिंदवाड़ा जिले के सभी विकासखंडों में नवांकुर संस्थाएं, प्रस्फुरण समितियां, बीएसडब्ल्यू-एमएसडब्ल्यू छात्र और परामर्शदाता मिलकर जल स्रोतों के संरक्षण और स्वच्छता के लिए कार्य कर रहे हैं। उभेगांव में यह अभियान जन सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। हमारा लक्ष्य जल की एक-एक बूंद को सहेजना और जल संकट से निपटने के लिए सामुदायिक जागरूकता बढ़ाना है।”
जल संरक्षण का व्यापक प्रभाव
यह अभियान न केवल जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि ग्रामीण समुदायों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता भी पैदा कर रहा है। उभेगांव में किए गए प्रयासों से तालाबों और झिरियों की स्थिति में सुधार हुआ है, और ग्रामीणों ने वर्षा जल संचयन के लिए स्टॉप डैम और अन्य संरचनाओं के निर्माण का संकल्प लिया है। यह अभियान मध्य प्रदेश सरकार की जल गंगा संवर्धन पहल को मजबूती प्रदान कर रहा है, जिसका उद्देश्य जल संकट को कम करना और भूजल स्तर को बढ़ाना है।

इसे भी पढ़ें: कामचोरों की तमन्ना बस यही…
आगे की योजना
जन अभियान परिषद ने जिले के अन्य ग्राम पंचायतों में भी इसी तरह के अभियान चलाने की योजना बनाई है। जल संरक्षण के लिए दीवार लेखन, जल रैलियां, और चित्रकला प्रतियोगिताओं जैसे जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय समुदायों की भागीदारी से यह अभियान एक जन आंदोलन का रूप ले रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों के संरक्षण को सुनिश्चित करेगा।

