सुलतानपुर में अवैध टैक्सी स्टैंड पर प्रशासन की चुप्पी, पुलिस संरक्षण के आरोप
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अतुल्य भारत चेतना (बृजेश कुमार पाण्डेय)
सुलतानपुर। शहर के भाजपा विधायक विनोद सिंह द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद सुलतानपुर में कानून-व्यवस्था और नगरीय प्रबंधन की स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि नगर कोतवाल तथा नगर पालिका परिषद विधायक के फरमानों को नजरअंदाज करते हुए अवैध टैक्सी स्टैंड संचालन पर प्रभावी रोक लगाने में विफल साबित हो रहे हैं।
नगर पालिका परिषद द्वारा अधिकृत रूप से संचालित टैक्सी स्टैंड की आड़ में करौंदिया क्षेत्र में एक समानांतर अवैध टैक्सी स्टैंड चलवाया जा रहा है। यह स्टैंड निर्धारित स्थल से हटकर संचालित हो रहा है, जिससे यातायात अव्यवस्था के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार अवैध स्टैंड के कथित संचालक अख्तर खां के गुर्गों ने इलाके में उत्पात मचा रखा है। पूर्व में भी इसी स्थल पर कानून-व्यवस्था को ताक पर रखकर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थीं, परंतु प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नवागत पुलिस चौकी इंचार्ज निरालानगर विनोद शर्मा और नगर कोतवाल धीरज कुमार पर इस अवैध संचालन को संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध टैक्सी स्टैंड का फलना-फूलना संभव नहीं है।
इलाकाई वाशिंदों में अख्तर खां के विरुद्ध आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। विशेषकर छात्रों और महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणियों तथा अभद्र व्यवहार को लेकर लोगों में गहरी नाराज़गी है। महिलाओं का आरोप है कि स्टैंड पर मौजूद असामाजिक तत्व आए दिन फब्तियां कसते हैं, जिससे उनका आवागमन असुरक्षित हो गया है।
नगर कोतवाली की पुलिसिंग को लेकर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद न तो यातायात विभाग और न ही पुलिस प्रशासन कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार है। ऐसे में सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि आखिर इस अव्यवस्था का जिम्मेदार कौन है?
स्थानीय सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध टैक्सी स्टैंड को तत्काल हटाया जाए तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शहर में पुनः कानून का राज कायम हो सके।

