कामां का नाम पुनः कामवन हो यह जनजन की भावना- श्री हरि चैतन्य
संवाददाता मनमोहन गुप्ता भरतपुर
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डीग – तीर्थराज विमल कुण्ड स्थित श्री हरि कृपा आश्रम के संस्थापक श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर विश्व विख्यात संत स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी जी महाराज ने बहुत पहले से की गई अपनी माँग को पुनः जनजन के द्वारा उठाई गई आवाज़ का समर्थन करते हुए दोहराई है कि कामां का पौराणिक व ऐतिहासिक नाम कामवन किया जाए । भगवान श्री कृष्ण की पावन लीला स्थली व महाभारत काल के अनेक ऐतिहासिक घटनाओं की साक्षी कामवन की धरा जनजन की आस्था का केंद्र है । चौरासी कोस बृज यात्रा करने वाले यात्रियों का प्रमुख पड़ाव व केंद्र है कामवन। सभी संत महात्मा , पुजारी, सामाजिक संगठन, राजनीतिक दलों के प्रमुख व क्षेत्र की जनता इस विषय पर एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि स्वंय माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी मेरे से, श्री हरि कृपा आश्रम से व कामवन की पवित्र धरा से बहुत पहले से जुड़े हुए हैं । आशा ही पूर्ण विश्वास है कि सरकार जनजन की भावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र ही कामां का पौराणिक नाम कामवन करने की घोषणा अवश्य करेगी । श्री हरि कृपा आश्रम सहित पूरी बस्ती में कामवन नाम घोषित होते ही धूमधाम से दीपाली मनाई जाएगी ।आश्रम में उपस्थित स्थानीय, क्षेत्रीय व दूरदराज़ से आए भक्तों ने इसका एकजुट होकर समर्थन किया ।
अपने धारा प्रवाह प्रवचनों से उन्होंने सभी को मंत्रमुग्ध व भाव विभोर कर दिया । सारा वातावरण भक्तिमय हो उठा व कामवन धाम की जय, तीर्थराज महाराज की जय, श्री गुरु महाराज की जय, कामां के कन्हैया की जय व लाठी वाले भैय्या की जय जयकार से गूंज उठा ।

