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कृषि आदान विक्रेताओं को कृषि प्रसार सेवा के लिये तीन संस्‍थाओं ने प्रदान किया डिप्‍लोमा

अतुल्य भारत चेतना
उमेश शेंडे

बालाघाट। जिले में 2021 से कृषि महाविद्यालय कृषि विस्‍तार प्रशिक्षण केंद्र मुरझड़ एवं कृषि विज्ञान केंद्र बड़गांव में संचालित है। इन संस्‍थानों में कृषि आदान विक्रताओं का कृषि प्रसार सेवाओं में 1 वर्षीय डिप्‍लोमा कराया जाता है। गुरुवार को इन संस्‍थानों के अंतिम परिणाम घोषित किये गए। जिले में ऐसे 105 कृषि आदान विक्रेताओं को प्रमाण पत्र वितरित किये गए। कार्यक्रम नगर के निजी होटल में किया गया। कृषि महाविद्यालय वारासिवनी से वर्ष 2021-22 में भुमेश्‍वर पटले व कृषि विस्‍तार प्रशिक्षण केंद्र नवनित राणा ने तथा वर्ष 2022-23 में केवीके बड़गांव में लेखराम देशमुख ने प्रथम स्‍थान प्राप्‍त किया। जिन्‍हें मेडल से समानित किया गया। साथ ही कृषि महाविद्यालय वारासिवनी के 2024-25 की नवीन बेच का भी शुभारंभ हुआ।

इस दौरान आत्‍मा परियोजना संचालक अर्चना डोंगरे ने पावर प्रजेंटेशन के माध्‍यम से देशी डिप्‍लोमा के उद्देश्‍य, कृषि आदान विक्रताओं की भूमिका, देशा विक्रता संचालन में मेनेजमेंट, डिप्‍लोमा कोर्स की पात्रता, अवधि, समय सारणी आदि के संबंध में जानकारियॉ दी। वहीं कृषि उपसंचालक राजेश खोबरागढ़े ने मुख्‍य तत्‍वों एवं छोटे अनाजों को बढ़ावा देने तथा नरवाई नही जलाने के लिये प्रोत्‍साहित किया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक आरएल राउत, फैशिलिटेटर श्री आरएल अनवर, कृषि वैज्ञानिक डॉ. शरद बिसेन, डॉ.राकेश ठाकुर, डॉ.अशोक श्रीवास्‍तव और डॉ.अमूले सहित कृषि व आत्‍मा समिति के सदस्‍य उपस्थित रहे।

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News Desk

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