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भारत सरकार की किसानों के लिए प्रमुख योजनाएं: जानिए विस्तृत जानकारी और लाभ लेने का तरीका

Government of India schemes for farmers; Learn the detailed information related to these schemes and how to avail their benefits!

भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां लगभग 60 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई हैं। इन योजनाओं का मुख्य फोकस फसल बीमा, वित्तीय सहायता, सिंचाई, सौर ऊर्जा, मिट्टी स्वास्थ्य और बाजार पहुंच पर है। इन योजनाओं के तहत करोड़ों किसानों को लाभ पहुंचा है, जिसमें पीएम-किसान के तहत 9.71 करोड़ किसानों को अप्रैल-जुलाई 2025 में भुगतान किया गया। इस लेख में हम प्रमुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी देंगे, साथ ही किसान भाई कैसे इनका लाभ उठा सकते हैं। यह जानकारी आधिकारिक स्रोतों और नवीनतम अपडेट्स पर आधारित है, जो किसानों को सशक्त बनाने में मदद करेगी।

1. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान)

विवरण

यह योजना 1 दिसंबर 2018 से शुरू हुई है, जो केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्त पोषित है। इसमें भूमिधारक किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आय सहायता प्रदान की जाती है, जो तीन समान किस्तों (प्रत्येक 2,000 रुपये) में दी जाती है। 2025 में 21वीं किस्त 19 नवंबर को जारी की गई।

उद्देश्य

किसानों की आय में सहायता प्रदान करना और उन्हें वित्तीय रूप से मजबूत बनाना।

लाभ

  • प्रति वर्ष 6,000 रुपये की नकद सहायता सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर।
  • 2025-26 में अप्रैल-जुलाई तक 9.71 करोड़ किसानों को लाभ।
  • किसान अपनी पसंद के अनुसार खर्च कर सकते हैं, जैसे बीज, खाद या अन्य कृषि जरूरतों पर।

पात्रता

  • सभी भूमिधारक किसान परिवार (पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे)।
  • ई-केवाईसी अनिवार्य (ओटीपी आधारित या बायोमेट्रिक)।
  • बहिष्कार श्रेणियां: संस्थागत भूमिधारक, संवैधानिक पदधारक, सेवानिवृत्त अधिकारी (10,000 रुपये से अधिक पेंशन वाले), आयकर दाता, पेशेवर (डॉक्टर, वकील आदि)।

आवेदन प्रक्रिया

  • ऑनलाइन पोर्टल pmkisan.gov.in पर नए किसान पंजीकरण करें।
  • ई-केवाईसी के लिए निकटतम सीएससी केंद्र पर जाएं या पोर्टल पर ओटीपी का उपयोग करें।
  • आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और भूमि स्वामित्व दस्तावेज अपलोड करें।
  • स्थिति जांचने के लिए ‘नो योर स्टेटस’ विकल्प का उपयोग करें। टोल-फ्री नंबर या हेल्पडेस्क से संपर्क करें।

2. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई)

विवरण

यह योजना 2016 में शुरू हुई, जो प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और रोगों से फसल नुकसान के खिलाफ बीमा कवर प्रदान करती है। इसमें बुआई से कटाई के बाद तक कवरेज शामिल है।

उद्देश्य

किसानों को फसल नुकसान से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना।

लाभ

  • रबी और खरीफ फसलों के लिए सस्ता प्रीमियम।
  • दो महीनों के भीतर मुआवजा।
  • सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, कीट और रोगों से सुरक्षा।
  • किसानों की आय स्थिरता और कृषि क्षेत्र का स्थिरीकरण।

पात्रता

  • अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलें उगाने वाले सभी किसान।

आवेदन प्रक्रिया

  • राष्ट्रीय कृषि बीमा कंपनी (एनआईएसी) के माध्यम से लागू।
  • निकटतम बैंक, सीएससी या कृषि विभाग में आवेदन करें।
  • आधार, बैंक विवरण और भूमि दस्तावेज जमा करें।
  • क्लेम के लिए फसल नुकसान की रिपोर्ट दर्ज करें; मुआवजा सीधे बैंक में ट्रांसफर।

3. किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी)

विवरण

1998 में शुरू, यह योजना कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए सस्ता और समय पर क्रेडिट प्रदान करती है। 2025 में 7.71 करोड़ किसानों को 10 लाख करोड़ रुपये वितरित किए गए।

उद्देश्य

किसानों को लघु अवधि का क्रेडिट उपलब्ध कराना।

लाभ

  • फसल के बाद के खर्च, खेती के लिए कार्यशील पूंजी और उपभोग जरूरतों पर सब्सिडी वाले ऋण।
  • 3 लाख रुपये तक 7% ब्याज दर।

पात्रता

  • सभी किसान।

आवेदन प्रक्रिया

  • निकटतम बैंक में केवाईसी दस्तावेज, भूमि रिकॉर्ड और राजस्व विवरण जमा करें।
  • ऑनलाइन pmkisan.gov.in से फॉर्म डाउनलोड करें।

4. पीएम-कुसुम योजना

विवरण

2019 में शुरू, यह योजना डीजल मुक्त कृषि को बढ़ावा देती है और किसानों की आय बढ़ाती है। इसमें सौर पंप और सौर ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं।

उद्देश्य

मार्च 2026 तक 34,800 मेगावाट सौर क्षमता हासिल करना।

लाभ

  • स्टैंडअलोन सौर पंपों के लिए 30% या 50% केंद्र सब्सिडी।
  • बंजर भूमि पर 2 मेगावाट तक सौर संयंत्र स्थापित कर बिजली बेचें।

पात्रता

  • बंजर/फालो भूमि वाले किसान।

आवेदन प्रक्रिया

  • राज्य सरकार के नामित विभाग से संपर्क करें।
  • pmkusum.mnre.gov.in पर आवेदन करें।

5. कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ)

विवरण

2020 में शुरू, यह योजना सामुदायिक कृषि संपत्तियों और फसल के बाद प्रबंधन के लिए मध्यम-लंबी अवधि का ऋण वित्तपोषण प्रदान करती है।

उद्देश्य

कृषि अवसंरचना का विकास।

लाभ

  • ब्याज सब्सिडी और वित्तीय समर्थन।
  • एफपीओ, एसएचजी, स्टार्टअप आदि को निवेश।

पात्रता

  • किसान, एफपीओ, एसएचजी, सहकारी समितियां।

आवेदन प्रक्रिया

6. मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड योजना

विवरण

2015 में शुरू, यह योजना हर तीन साल में मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करती है।

उद्देश्य

मिट्टी पोषक तत्व प्रबंधन सुधारना।

लाभ

  • 12 पैरामीटर पर परीक्षण और सुधार सुझाव।
  • उर्वरक बचत और फसल उत्पादकता बढ़ोतरी।

पात्रता

  • सभी किसान।

आवेदन प्रक्रिया

  • मिट्टी नमूने खेत से एकत्रित किए जाते हैं; soilhealth.dac.gov.in पर जांचें।

7. परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई)

विवरण

2015 में शुरू, यह योजना जैविक खेती को बढ़ावा देती है।

उद्देश्य

मिट्टी स्वास्थ्य और जैविक प्रमाणन।

लाभ

  • जैविक खेती के लिए सहायता।
  • 20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर।

पात्रता

  • जैविक खेती अपनाने वाले किसान।

आवेदन प्रक्रिया

  • राज्य कृषि विभाग से संपर्क करें।

8. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई)

विवरण

2015 में शुरू, यह योजना सिंचाई निवेशों का अभिसरण करती है।

उद्देश्य

‘हर खेत को पानी’ और ‘प्रति बूंद अधिक फसल’।

लाभ

  • माइक्रो सिंचाई (ड्रिप/स्प्रिंकलर) के लिए सहायता; 2022-23 में 11.02 लाख हेक्टेयर कवर।
  • जल उपयोग दक्षता सुधार।

पात्रता

  • 2 हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसान।

आवेदन प्रक्रिया

  • pmksy.gov.in पर विस्तृत कार्यान्वयन योजना जमा करें; राज्य विभाग से संपर्क।

9. ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार)

विवरण

2016 में शुरू, यह पैन-इंडिया इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है।

उद्देश्य

एपीएमसी मंडियों को जोड़कर एकीकृत बाजार बनाना।

लाभ

  • पारदर्शी नीलामी, वास्तविक समय मूल्य खोज।
  • ऑनलाइन भुगतान; 1,260 मंडियां जुड़ीं।

पात्रता

  • किसान, व्यापारी।

आवेदन प्रक्रिया

  • enam.gov.in पर पंजीकरण करें; टोल-फ्री 1800 270 0224 पर संपर्क।

10. प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना (पीएम-केएमवाई)

विवरण

2019 में शुरू, यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए पेंशन योजना है।

उद्देश्य

60 वर्ष की आयु के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन।

लाभ

  • अंशदान आधारित; सरकार मैचिंग योगदान।
  • पति/पत्नी को पारिवारिक पेंशन।

पात्रता

  • 18-40 वर्ष के छोटे किसान (2 हेक्टेयर तक भूमि)।

आवेदन प्रक्रिया

  • एलआईसी के साथ पेंशन खाता खोलें।

अन्य प्रमुख योजनाएं

  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम): 2007 से, चावल, गेहूं, दालों का उत्पादन बढ़ाने के लिए। पात्रता: लक्षित जिलों के किसान। आवेदन: राज्य विभाग।
  • राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन (एनएमएनएफ): 2021 से, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा। लाभ: मिट्टी स्वास्थ्य सुधार।
  • राष्ट्रीय तेल बीज मिशन (एनएमईओ-ओपी): 2021 से, तेल उत्पादन बढ़ाना।
  • कृषि कल्याण अभियान: 2018 से, आकांक्षी जिलों में आय सुधार।

निष्कर्ष

ये योजनाएं किसानों को वित्तीय सुरक्षा, तकनीकी सहायता और बाजार पहुंच प्रदान करती हैं। किसान भाई निकटतम कृषि विभाग, सीएससी केंद्र या आधिकारिक वेबसाइटों से संपर्क करें। ई-केवाईसी और आधार लिंकिंग सुनिश्चित करें। 2025 में सरकार ने इन योजनाओं को और मजबूत किया है, जिससे कृषि क्षेत्र में वृद्धि हुई है। अधिक जानकारी के लिए services.india.gov.in पर जाएं। किसान भाई इनका लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाएं और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

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News Desk

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