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साइन बोर्ड होता तो ना होती घटना, तेज रफ्तार ट्रैक डिवाइडर में जा घुसा, बड़ा हादसा होते‑होते टला

अतुल्य भारत चेतना
रिपोर्ट- मुहम्मद ख्वाजा
टीकमगढ़ -मध्य प्रदेश

पलेरा। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम लिमिटेड के अधीन,बल्देवगढ़–खरगपुर–पलेरा मार्ग पर मेंटेनेंस और सुरक्षा इंतज़ामों की कमी फिर सवालों के घेरे में है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार से आ रहा ट्रैक अचानक मोड़ पर अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर में जा घुसा, गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर न तो मोड़ों पर चेतावनी साइन बोर्ड लगे हैं और न ही डिवाइडर व किनारों पर रेडियम मार्किंग की गई है, जिस कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।मेंटेनेंस और जिम्मेदारी बल्देवगढ़–खरगपुर–पलेरा सड़क का निर्माण मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) के जरिए कराया गया था, जहां अनुबंध के तहत नियमित मेंटेनेंस, सड़क चिन्हों, साइन बोर्ड, डिवाइडर और सेफ्टी डिवाइस की देख रेख करना अनिवार्य शर्तों में शामिल रहता है। सड़क परियोजनाओं के मानक दस्तावेज़ों में स्पष्ट प्रावधान है कि ठेकेदार/कनसेशनियर को समय‑समय पर रोड साइन, मार्किंग और सुरक्षा इंतज़ाम दुरुस्त रखना होता है, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके।

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News Desk

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