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Sat. Jan 10th, 2026

भक्ति और संस्कृति के संगम के साथ संपन्न हुई ब्रज चौरासी कोस यात्रा

श्रीहित हरिवंश प्रचार मंडल ट्रस्ट के तत्वावधान में भक्तों ने की यात्रा

अतुल्य भारत चेतना | दिनेश सिंह तरकर

मथुरा/वृंदावन। ब्रज की पावन धरा पर श्रद्धा और अटूट विश्वास का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जहाँ श्रीहित हरिवंश प्रचार मंडल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय ब्रज चौरासी कोस दर्शन यात्रा हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। इस यात्रा में देशभर से आए श्रद्धालुओं ने ब्रज की रज को मस्तक पर लगाकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया।

यह यात्रा श्रीराधावल्लभ मंदिर के वर्तमान तिलकायत अधिकारी श्रीहित मोहित मराल गोस्वामी महाराज एवं श्रीहित शोभित लाल गोस्वामी महाराज (युवराज) के पावन सानिध्य में पूर्ण हुई।

यात्रा के दौरान तिलकायत अधिकारीजी महाराज एवं युवराज महाराज के पावन सानिध्य में भक्तों ने ब्रज के गूढ़ रहस्यों और लीला स्थलों की महिमा को जाना। आठ दिनों तक चली इस यात्रा में भक्तों ने ब्रज के प्राचीन मंदिरों, पौराणिक कुंडों और भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली के दर्शन किए।

ब्रज चौरासी कोस की पूरी यात्रा के दौरान जगह-जगह पर भजन-कीर्तन और सत्संग की अविरल धारा बहती रही, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा, साथ ही देशभर से आए भक्तों को ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने और समझने का अवसर भी प्राप्त हुआ। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रज की चौरासी कोस की परिक्रमा करने से जीव के चौरासी लाख योनियों के बंधन कट जाते हैं। यात्रा के संपन्न होने पर भक्तों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ये आठ दिन उनके जीवन के सबसे ऊर्जावान और उत्साह से भरे दिन रहे, इस उक्ति को चरितार्थ करते हुए श्रद्धालुओं ने भावुक मन से यात्रा का समापन किया और श्रीराधावल्लभ लाल के चरणों में अपनी-अपनी हाजिरी लगाई।

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News Desk

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