जैसलमेर।(सी आर देवपाल जैसलमेर)।
जिला उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में खम्भा भाटी के पक्ष में बीमा कंपनी को क्लेम अदा करने का आदेश दिया है। जिला आयोग के निजी सचिव सुधांश सोनी ने बताया कि परिवादिया ने एक मारूति सुजुकी सियाज वाहन खरीदा जिसका बीमा द न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से पूर्ण रूप से बीमित था। परिवादिया ने वाहन खरीदने के बाद नामांतरण की सूचना बीमा कंपनी को दे दी थी परन्तु बीमा कंपनी ने यह कहकर की पॉलिसी में नाम परिवर्तित नहीं किया गया अत क्लेम खारिज किया गया जो उचित नहीं था।जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष एवं पीठासीन अधिकारी पवन कुमार ओझा एवं सदस्य रमेश कुमार गौड़ ने परिवाद के साथ प्रस्तुत दस्तावेजी साक्ष्यों में पाया कि शिकायतकर्ता खम्भा भाटी ने एक वाहन खरीदा जो कंपनी द्वारा बीमित था बीमा कंपनी ने बीमा कंपन ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रार्थिया का इंश्योरड इंटरेस्ट नहीं होने से दावा खारिज किया जबकि वाहन के पूर्व मालिक ने बीमा कंपनी को स्वामित्व हस्तांतरण की सूचना दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के अनुसार वाहन के हस्तांतरण के साथ बीमा पॉलिसी के अधिकार भी स्वत स्थानांतरित माने जाते हैं अत परिवादिनी बीमा क्लेम प्राप्त करने की अधिकारिणी है। प्रकरण में बीमा कंपनी ने क्लेम का भुगतान नहीं कर सेवा में कमी व अनुचित व्यापार व्यवहार किया है। आईआरडीए के अधिकृत सर्वेयर से सर्वे करवाया गया था जिसमें विधिनुसार सर्वे कर फाइनल ऐस्सेमेंट राशि 270248 रुपये किया जाना था। अत बीमा कंपनी को सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अंतिम मूल्यांकित राशि 270248 रुपये वाद प्रस्तुत करने की दिनांक से 6 प्रतिशत वार्षित ब्याज की दर से ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया और मानसिक परेशानी पेटे 10000 व परिवाद व्यय पेटे 3000 अदा करने का आदेश दिया और निर्णय की पालना 45 दिन में नहीं करने पर संपूर्ण राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से अदा करना होगा।
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