रुद्रपुर – ऊधम सिंह नगर जिले में फर्जी दस्तावेज बनाने वालों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एक हफ्ते की व्यापक जांच में जिले में 250 स्थायी प्रमाणपत्र और 213 जाति प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी संदिग्ध प्रमाणपत्र निरस्त किए जाएंगे और दस्तावेजों में हेराफेरी पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
हल्द्वानी के बनभूलपुरा में फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का मामला उजागर होने के बाद यह जांच शुरू की गई थी, जिसे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए थे।
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पहले हफ्ते की जांच का रिपोर्ट कार्ड
जिले के सात ब्लॉकों—रुद्रपुर, गदरपुर, काशीपुर, बाजपुर, जसपुर, खटीमा और सितारगंज—में
22629 स्थायी प्रमाणपत्रों की जांच में 250 संदिग्ध
11803 जाति प्रमाणपत्रों की जांच में 213 संदिग्ध पाए गए।
सभी संदिग्ध दस्तावेजों की अब स्पेशल टीम भौतिक सत्यापन कर रही है, जो रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी। इसके बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पटवारी और कानूनगो भी जांच के दायरे में
जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि संदिग्ध दस्तावेज बनने के दौरान पटवारी व कानूनगो कौन थे, और उन्होंने किस आधार पर प्रमाणपत्र जारी किए। यदि मिलीभगत साबित हुई तो कार्रवाई अधिकारियों तक भी पहुंचेगी।
आधिकारिक बयान
एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर पिछले पांच वर्षों में बने सभी जाति और स्थायी प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है। अब तक 463 प्रमाणपत्र संदिग्ध मिले हैं और जांच आगे भी जारी रहेगी।

