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सफलता की कहानी ,प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से बदली सोनू की जिंदगी, जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

अतुल्य भारत चेतना संवाददाता खुमेश यादव

 पथ विक्रेताओं को बिना किसी गारंटी के ऋण देकर सशक्त बना रही है स्वनिधि योजना

नारायणपुर, 8 दिसम्बर 2025 // प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना नगर पालिका क्षेत्र के पथ विक्रेताओं के लिए एक बड़ा संबल बनकर उभर रही है। वार्ड क्रमांक 07 बखरूपारा निवासी सोनू कुमार भी उन्हीं लाभार्थियों में से एक हैं, जिनके जीवन में इस योजना ने महत्वपूर्ण बदलाव लाया है।

सोनू कुमार बीते कई वर्षों से जिले के विभिन्न साप्ताहिक बाजारों में टॉर्च, प्लास्टिक के खिलौने और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते रहे। सीमित पूंजी और आर्थिक तंगी के कारण उनका व्यापार बहुत सीमित था, जिससे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो रहा था।

इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। योजनांतर्गत नगर पालिका कार्यालय में उपस्थित होकर उन्होंने प्रथम किश्त के लिए ऋण आवेदन जमा किया। निर्धारित प्रक्रिया के बाद ऋण उन्हें शीघ्र ही स्वीकृत हुआ। प्राप्त पूंजी से सोनू ने अपने व्यापार में विविधता लाई और सामान की मात्रा बढ़ाई, जिसका सीधा लाभ उन्हें आय में उल्लेखनीय वृद्धि के रूप में मिला। आज उनकी आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में कहीं बेहतर है और वह आत्मविश्वास से अपना व्यवसाय आगे बढ़ा रहे हैं।

सोनू कुमार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना हम जैसे छोटे पथ विक्रेताओं के लिए सचमुच वरदान सिद्ध हो रही है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद देती है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान करती है।

 प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना क्या है

वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) एक केंद्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के पथ विक्रेताओं को बिना किसी संपार्श्विक के कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है। योजना के तहत लाभार्थियों को पहली किश्त में 10,000 रुपये तक का ऋण दिया जाता है, जिसे समय पर चुकाने पर ब्याज सब्सिडी का लाभ भी मिलता है। डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। व्यापार में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने हेतु दूसरी किश्त में 20,000 रुपये और तीसरी किश्त में 50,000 रुपये तक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे पथ विक्रेता अपना कारोबार मजबूती से संचालित कर सकें।

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खुमेश यादव

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