शहडोल मिशन वात्सल्य अंतर्गत बाल संरक्षण सेवाओं के प्रभावी
क्रियान्वयन के लिए मूल्यांकन एवं निगरानी हेतु जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की अध्यक्षता में विराट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक दीवान, सीएमएचओ डॉ राजेश मिश्रा, जिला बाल कल्याण की अध्यक्ष कल्याणी वाजपेयी, समिति के अन्य सदस्य अभिषेक चौकसे, अजय मिश्रा, निलम चतुर्वेदी, पूर्णिमा चौधरी, प्रीति नामदेव, अंजुला नामदेव, सहित सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास संगीता भगत सहित श्रम विभाग, शिक्षा, डीपीसी श्री अमरनाथ सिंह, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, विद्युत मण्डल, शिवालय, शिशु गृह के संचालक सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास संजीता भगत ने बताया कि जिले में जन्म से 6 वर्ष तक आयु के बालकों के संरक्षण हेतु शिवालय, शिशुगृह संचालित है। जिसमें निवासरत बालकों की संख्या 10 है तथा 18 वर्ष से कम आयु के विधि का उल्लंघन करने वाले बालिकाओं हेतु शासकीय बालिका संप्रेक्षण गृह संचालित है। जिसमें जेजेबी के आदेशानुसार 5 बालिकाएं प्रवेशित हैं। जिले में स्पांसरशिप के तहत 237 प्रकरण स्वीकृत हैं। जिन्हें शासन द्वारा 4 हजार रूपए प्रति बच्चे प्रति माह के दर से अभिभावकों को अनुदान दिया जाता है। मार्च 2025 तक 116 बच्चों को योजना का लाभ पूर्व में दिया जा चुका है। वर्ष 2025-26 में 5 बच्चों को देश के नागरिकों द्वारा एडाप्ट किया गया है। बाल कल्याण समिति के समक्ष विगत तीन माह में 72 प्रकरण तथा पूर्व के लंबित 4 प्रकरण कुल 76 प्रकरण प्रस्तुत किए गए। जिनमें से 68 प्रकरणों का निराकरण कर बच्चों को अभिभावकों को सौंपा गया है। 8 प्रकरण जांच प्रक्रिया अधीन है। इसी तरह किशोर न्यायबोर्ड के समक्ष विगत तीन माह में 44 प्रकरण प्रस्तुत किए गए तथा 209 प्रकरण पूर्व से लंबित है। इस प्रकार 253 प्रकरणों में से 137 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है।
जिले में चाइल्ड लाइन का संचालन बाल संरक्षण इकाई के माध्यम से किया जा रहा है। 1 सितम्बर 2025 से 30 नवम्बर 2025 तक 61 शिकायतें प्राप्त हुई। जिनमें से 57 शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है।

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