अतुल्य भारत चेतना | संवाददाता
गोरखपुर। राष्ट्रीय मानव सेवा कल्याण संस्था ने समाज सेवा के क्षेत्र में पिछले 17 वर्षों से निरंतर निःस्वार्थ सेवा कर रही श्रीमती अर्चना गौड़ को विशेष ‘गौरव सम्मान पत्र’ प्रदान कर सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें मानवता, करुणा और समर्पण की जीती-जागती मिसाल बनने के लिए दिया गया।
श्रीमती अर्चना गौड़ पिछले 17 वर्षों से निम्नलिखित क्षेत्रों में असाधारण योगदान दे रही हैं:
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- जरूरतमंद मरीजों को उचित चिकित्सा और अस्पताल सुविधा उपलब्ध कराना
- कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को न केवल आर्थिक सहायता, बल्कि मानसिक बल, प्रेरणा और निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करना
- भूखे-बेसहारा लोगों तक घर का बना ताज़ा भोजन पहुँचाना
- घायल एवं असहाय पशुओं की सुरक्षा, इलाज और देखभाल में सक्रिय सहयोग करना
- पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाना
अर्चना जी की सेवा यात्रा मुंबई से शुरू होकर गोरखपुर तक फैली हुई है। इस लंबी यात्रा में उन्होंने सैकड़ों ज़िंदगियाँ संवारीं, असंख्य परिवारों को सहारा दिया और समाज में करुणा का संदेश फैलाया। उनकी निःस्वार्थ सेवा को देखते हुए राष्ट्रीय मानव सेवा कल्याण संस्था ने उन्हें यह विशेष सम्मान प्रदान किया।
संस्था की ओर से जारी सम्मान पत्र में कहा गया है: “श्रीमती अर्चना गौड़ को समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए असाधारण, निरंतर एवं निःस्वार्थ योगदान के उपलक्ष्य में यह गौरव सम्मान पत्र समर्पित किया जाता है। उनकी सेवा-यात्रा मुंबई से गोरखपुर तक मानवता, करुणा और समर्पण की एक प्रेरणादायक मिसाल है।”
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इस सम्मान से सिर्फ उनके परिजनों ही नहीं, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। अर्चना जी ने सम्मान मिलने पर कहा, “यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा है। मैं जीवन के अंतिम क्षण तक सेवा करती रहूँगी, क्योंकि सेवा ही मेरा धर्म है।”
राष्ट्रीय मानव सेवा कल्याण संस्था ने घोषणा की है कि श्रीमती अर्चना गौड़ जैसे समर्पित समाजसेवियों के कार्यों को आगे भी प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाता रहेगा।
अर्चना गौड़ जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ! ऐसे लोग ही समाज का असली गौरव हैं।

